सहारनपुर। स्मार्ट सिटी में शामिल सहारनपुर का अस्थाई अतिक्रमण ने हाल खराब कर दिया है। आलम यह है कि बाजारों में दुकानदारों द्वारा कई-कई फिट तक रोजाना दुकानों के बाहर सामान लगा दिया जाता है। इस अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वाले लोगों के लिए सड़क पर जगह तक नही बचती है।
महानगर में सड़क पर स्थाई व अस्थाई कब्जों की भरमार है। मुख्य बाजारों की हालत पूरी तरह खराब हो चुकी है। सड़कों पर सबसे ज्यादा कब्जा दुकानदारों द्वारा किया जा रहा है, जो रोजाना दुकानों के बाहर कई-कई फिट तक सामान लगाकर कब्जा कर लेते हैं। इसके अलावा वाहन और ठेली वाले भी खडे़ हो जाते हैं। शहर के प्रमुख चौक घंटाघर से जाने वाले पांच मार्गों पर स्थिति भयावह बनी हुई है। अंबाला रोड पर हाल ज्यादा खराब है। फुटपाथ पूरी तरह खत्म हो चुकी है। यही हाल रेलवे रोड, कोर्ट रोड, देहरादून रोड, नेहरू मार्केट मार्ग का भी है, जहां पैदल चलने वाले लोगों के लिए सड़क पर जगह तक नहीं बचती है। इसी तरह प्रताप मार्केट, चकराता मार्ग, बाजोरिया रोड, दिल्ली रोड, शहीदगंज बाजार, मोरगंज बाजार सहित अन्य बाजारों में भी जगह-जगह कब्जे हैं। दुकानें बंद होने के बाद रात के समय शहर की सड़कें काफी चौड़ी नजर आती है। क्योंकि, उस समय अस्थाई अतिक्रमण हटा होता है।
अतिक्रमण की वजह से शहर की यातायात व्यवस्था रोजाना ठप रहती है। कई इलाकों में जाम लगा रहता है। यह हाल तब है जब सहारनपुर स्मार्ट सिटी में शामिल है। इसके बावजूद अतिक्रमण को हटवाने के लिए नगर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नगरायुक्त गौरव वर्मा का कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की तैैयारी की जा रही है। स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण को पूरी तरह हटवाया जाएगा।