सहारनपुर। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को लेकर अब अधिकारियों के पसीने छूटने लगे हैं। शासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालयों की रिपोर्ट मांगी है। साढ़े तीन वर्ष पूर्व शुरू हुई योजना में जनपद में अभी तक 230 गांव ही ओडीएफ बन पाए हैं। अक्तूबर 2018 तक 657 और गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाना है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद के 887 गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाने के चिह्नित किया गया था। साढ़े तीन वर्ष से चल रही योजना में प्रशासन ने अब तक 230 गांवों को ओडीएफ बनाने का दावा कर चुका है, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। जिन गांवों में शौचालय बनाए गए हैं, वहां के ग्रामीण अब भी खुले में शौच को जा रहे हैं। जागरूकता के अभाव में कई ग्राम पंचायतों के ग्रामीण तो शौचालयों को स्टोर रूम के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन द्वारा अब गांव-गांव में ग्राम गौरव यात्रा निकाली जा रही है।
उधर, शौचालय निर्माण कार्य पर फिलहाल ब्रेक लगा है। शासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालयों की जिला पंचायत राज विभाग से रिपोर्ट मांगी है। अक्तूबर 2018 तक बचे हुए 657 गांवों को भी ओडीएफ बनाना है। लेकिन, साढ़े तीन साल में 230 गांव ही खुले में शौच से मुक्त हो पाए हैं। ऐसे में दस माह में लक्ष्य को पूरा करने में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन की रिपोर्ट लगातार शासन को भेजी जा रही है। निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा कर लेंगे। खनन बंद होने की वजह से परेशानी आ रही है।
बनाने हैं 1.50 लाख शौचालय
सहारनपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद के 657 गांवों में 1.50 लाख शौचालय बनाए जाने हैं, लेकिन खनन बंद होने की वजह से इस मिशन की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा है। उधर, सूत्रों की माने तो समय से काम पूरा न होने पर शासन स्तर से कार्रवाई हो सकती है।