सहारनपुर। गन्ना विभाग की ओर से पिछले दो वर्षों से चलाए जा रहे गन्ना बीज प्रजाति बदलाव अभियान का परिणाम आना शुरू हो गया है। इसके चलते इस बार जिले की चीनी मिलों ने जहां गत वर्ष की अपेक्षा 17 लाख क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई की है वहीं शुगर रिकवरी में भी .46 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि मौजूदा पेराई सत्र में 15 दिसंबर तक जिले की चीनी मिलों ने 110 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है, जिसमें से 109.72 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई भी हो चुकी है। जो गत पेराई सत्र के मुकाबले 17 लाख क्विंटल अधिक है। उन्होंने बताया कि मिलों का औसत चीनी परता में भी गत वर्ष की अपेक्षा 0.46 फीसदी वृद्धि हुई है। डीसीओ ने बताया कि वर्तमान पेराई सत्र में गन्ना पेराई का लक्ष्य 450 लाख क्विंटल एवं चीनी परता 10 प्रतिशत तथा संभावित चीनी उत्पादन का लक्ष्य 45 लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि गन्ना उत्पादन और शुगर रिकवरी बढ़ाने में किसानों की बड़ी भूमिका रही है। जिन्होंने विभागीय प्रयासों को सार्थक कर प्रजातीय बीज बदलाव किया। मौजूदा पेराई सत्र में 37768 हेक्टेयर क्षेत्रफल अगेती उन्नतिशील प्रजाति सीओ 0238 का है, जिसमें 26316 हेक्टेयर केवल पौधे गन्ने का है। यह इस बात का संकेत है कि चीनी मिलों के चीनी परता में अभी ओर बढ़ोत्तरी होगी।