शरद और वसंत कालीन गन्ने की बुवाई करें किसान
सहारनपुर। गन्ना विकास गोष्ठी में किसानों को गन्ने की उत्तम खेती करने के टिप्स दिए गए। वक्ताओं ने कहा कि किसानों को गेहूं काटकर गन्ने की बुवाई की परंपरा को छोड़ना होगा। शरदकालीन और बसंतकालीन गन्ना बुवाई करने से कम लागत में गन्ने का अधिक उत्पादन होता है।
सोमवार को इस्लाम नगर में आयोजित गन्ना विकास गोष्ठी में उप गन्ना आयुक्त सत्येंद्र सिंह ने किसानों को ट्रैंच विधि से गन्ना बुवाई करने और सहफसली खेती के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि ट्रैंच विधि से गन्ना बुवाई करने से 80 से 90 प्रतिशत जमाव होता है। इसलिए पैदावार भी बढ़िया होती है, जबकि सामान्य विधि से बुवाई करने पर जमाव मात्र 35 से 40 फीसदी तक ही होता है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने कहा कि गेहूं काटकर गन्ना बोना अब किसानों के लिए घाटे का सौदा बन गया है। इसलिए सभी किसानों को शरदकालीन और बसंतकालीन गन्ने की बुवाई ही करनी चाहिए। गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. यशपाल सिंह ने किसानों को गन्ने में लगने वाली बीमारियों के लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इंद्रजीत सिंह, सत्येंद्र सिंह, तिरसपाल सिंह, शिवकुमार, अजमेर सिंह, देवी सिंह, राकेश शर्मा, डॉ. सेवाराम सैनी, सुरेंद्र सिंह, किरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।