हथिनीकुंड बैराज का वायरक्रेट क्षतिग्रस्त
बेहट। पिछले दिनों पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने कारण हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े गए करीब सात लाख क्यूसेक पानी के तेज बहाव से एक वायरक्रेट क्षतिग्रस्त होने के साथ ही तटबंध में कटाव हो गया था। कटाव को सिंचाई विभाग द्वारा पानी कम होने पर ठीक करा दिया गया था, जबकि वायरक्रेट की मरम्मत के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। वायरक्रेट क्षतिग्रस्त होने से यूपी की सीमा में अधिक नुकसान होने की संभावना बनी है।
बता दें कि विगत दिनों सात लाख क्यूसेक के लगभग पानी आ जाने से हथिनीकुंड बैराज से थोड़ा सा आगे एक तटबंध में कटाव हो गया था साथ ही तटबंध की सुरक्षा के लिए लगाए गया वायरक्रेट क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि इसके बाद यमुना नदी का जलस्तर नहीं बढ़ा। वायरक्रेट क्षतिग्रस्त होने से संभावित बाढ़ का खतरा बना है। अब जलस्तर बढ़ने पर हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाला पानी यूपी की तरफ कटाव करेगा। यदि पानी यूपी की सीमा में तटबंध में कटाव करता है, यूपी को सबसे ज्यादा नुकसान है, जबकि हरियाणा की तरफ कोई नुकसान नहीं है। यदि आने वाले समय में और अधिक पानी आता है तो इसकी और अधिक क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। अधिकारियों की माने तो उन्होंने इसके बचाव हेतु और इसकी मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उधर, सिंचाई विभाग के एसडीओ संजीव वर्मा ने बताया कि मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है और बजट सभी को बहुत ही जल्द ही वायरक्रेट की मरम्मत करा दी जाएगी।