बेहट (सहारनपुर)। मिर्जापुर स्थित मदरसा जामिया अब्दुल करीम इस्लामिक में बृहस्पतिवार को वार्षिक जलसा आयोजित किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि हमें दीन की रोशनी में जिंदगी बरस करनी चाहिए। कलाम ए पाक की तिलावत से हर घर महफूज रहता है और अल्लाह की बरकत नाजिल होती है।
जलसे को खिताब करते हुए मौलाना साजिद ने कहा कि घरों में कलाम ए पाक की तिलावत करने से बरकत होने के साथ ही घर हर बला महफूज रहता है। जामिया अब्दुल करीम इस्लामिक स्कूल में कलाम ए पाक नाजरा पूरा करने वाले 19 बच्चों की दस्तारबंदी के मौके पर वार्षिक जलसा आयोजित किया गया। जलसे में अपने बयान के दौरान मौलाना साजिद ने कहा कि कलाम ए पाक मुसलमानों के पास अल्लाह की दी हुई वह दौलत है, जिसका मुकाबला दुनिया की कोई चीज नहीं कर सकती, इसलिए अपने घरों में हमें कलाम ए पाक की तिलावत करनी चाहिए। कलाम ए पाक की तिलावत करने से घरों में जहां खुदा की बरकत नाजिल होती है, वहीं वह घर जिसमें तिलावत हो दुनिया की हर बला से महफूज रहता है। दस्तारबंदी मौलाना मुशर्रफ अली व मदरसा फैजुल उलूम के नाजिम मौलाना सईद अहमद द्वारा पगड़ी बांधकर कराई गई। कलाम ए पाक पूरा करने वाले छात्रों में मोहम्मद शादाबा, मोहम्मद आजम, परवेज आलम, खालिक, अब्दुल बासित, समीर, सावेज, अलताफ, अनस, आजम, तोय्यब, अबुजर, शीबा, समरीन, शमां, मंतशा, सानिया, तमन्ना व नगमा आदि शामिल रहे। इसके अलावा जलसे में हाजी फुरकान, हाफिज यूसुफ , मास्टर मुख्तार अली व मेंहदी हसन आदि की मौजूदगी रही।