फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसी भी हाल में वो खुश रहा नहीं करते

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। उर्दू मरकज संस्था द्वारा वरिष्ठ शायर खुमार सहारनपुरी के सम्मान में बुधवार रात को मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसमें शायरों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए।
विज्ञापन

लक्खी गेट स्थित सभागार में आयोजित मुुशायरे का शुभारंभ अकबर शमसी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संस्था सचिव हारून साबिर और शमीम तहजीबी ने खुमार सहारनपुरी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। शायर अमजद अजीम ने कहा कि पछता रहा हूं मैं भी इसी मुल्क की तरह, जब से ससुर जी आप के झांसे में आ गया। आसिफ निगार ने कहा कि, जो अहतेराम बड़ों का किया नहीं करते, किसी भी हाल में वो खुश रहा नहीं करते। खुमार सहारनपुरी ने कहा कि ये उनकी शाने करम थी, तमाम बख्शे गए, अजीम भीड़ में मुझसा गुनाहगार भी था। हारून साबिर फरीदी ने कहा कि ये सोच के हर गम को सीने से लगाया है, ये उनकी अमानत है, ये उनकी निशानी है। फैयाज नदीम ने कहा कि किसी रईस को ताबीर बेच दी उसने, जो तरजुमान था मेरे हसीन ख्वाबों का। खूर्रम सुल्तान, आसिफ शमसी, असलम मोहसीन, सिकंदर हयात, शमीम तहजीबी और दानिश कमाल ने भी अपने कलाम पेश किए। शाहिद जुबैरी, अकबर शमसी, डा. जमीन मानवी, नौशाद अहमद, मुहम्मद उमर, अरशद एडवोकेट, अखताक अहमद, मोहम्मद उवैस, रऊफ अख्तर, साजिद, मुहम्मद उसमान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें