मांस की दुकान पर वार्षिक शुल्क मात्र एक हजार रुपये?
सहारनपुर। नगर निगम ने व्यवसायिक लाइसेंस शुल्क उपविधि 2017 लागू की है। इसमें तमाम तरह के व्यवसायिक संस्थानों के लिए अलग-अलग वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है। हैरत की बात यह है कि एक ओर जहां मोबाइल टावर पर 50 हजार रुपये शुल्क तय किया गया है, वहीं सबसे अधिक गंद फैैलाने वाली मांस की दुुकान पर मात्र एक हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
अभी तक नगर निगम वर्षों से निर्धारित लाइसेंस शुल्क वसूलता आ रहा है, जिसमें अब संशोधन कर नए नियम लागू किए गए हैं। इनमें 40 प्रकार के व्यवसाय शामिल हैं, जिनमें होटल, हॉस्पिटल, क्लीनिक, स्कूल, रेस्टोरेंट, ढाबे, तमाम तरह की दुकानें, डेयरी, पशु पालन, मिठाई की दुकान, मॉल आदि शामिल हैं। इनके लिए अलग-अलग वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें जहां फेरी लगाकर रेहड़ी पर सब्जी बेचने पर दो हजार रुपये शुल्क रखा गया है, वहीं मीट की दुकान पर मात्र एक हजार रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। दो से दस बीघा तक में फैले बारात घरों यानी बैंक्वेट हॉल पर मात्र दस हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। जिनपर सवाल उठ हे हैं।
व्यवसाय करने की नई शर्तें
- नए नियम लागू होने के बाद अब कोई भी व्यक्ति नगर निगम की सीमा के भीतर तब तक संबंधित व्यवसाय नहीं कर सकेगा, जब तक वह उक्त व्यवसाय का लाइसेंस नगर निगम से प्राप्त ना कर ले।
- प्रत्येक सूचीबद्ध व्यवसायी को अगले वित्तीय वर्ष के लिए दस रुपये के स्टांप पर लाइसेंस के लिए नवंबर महीने में आवेदन कर 15 दिसंबर तक लाइसेंस प्राप्त करना होगा। यह लाइसेंस एक साल तक मान्य होगा।
- लाइसेंस के बावजूद यदि कोई व्यक्ति अपने व्यवसाय से जन स्वास्थ्य, जनहित की सुरक्षा, स्वच्छता को प्रदूषित करता है तो ऐसे व्यक्ति को दंडित भी किया जा सकता है।