सहारनपुर। जिले के करीब 200 परिषदीय स्कूलों में चहारदीवारी का अभाव बच्चों की सुरक्षा के साथ ही सरकारी संपत्ति की देखरेख के लिए भी खतरा बना हुआ है। विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन पिछले छह महीने से बजट नहीं मिला है।
इनमें कुछ स्कूलों की चहारदीवारी बारिश आदि में ढह गई, जबकि कई विद्यालय ऐसे भी हैं, जिनमें अभी तक बनी ही नहीं। कई स्कूलों की चहारदीवारी मरम्मत मांग रही हैं। इससे स्कूल परिसरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। कुछ जगहों पर तो तालाब के पास ही विद्यालय बने हुए हैं। इनमें से जहरीले जीव जंतु के बाहर आने का खतरा बना रहता है। कंपोजिट स्कूल कौरबा इसका बेहतर उदाहरण है। इसके अलावा उच्च प्राथमिक स्कूल बचीटी, प्राथमिक स्कूल सरकड़ी और प्राथमिक स्कूल गंगदासपुर गुर्जर समेत छुटमलपुर एवं मोहंड के कई स्कूलों में चहारदीवारी की स्थिति बेहद खराब है।
-स्कूल की जमीन पर हो चुके कब्जे
स्कूलों की चहारदीवारी नहीं होने की वजह से कई लोग स्कूल की जमीनों पर कब्जा तक कर लेते हैं। नानौता के हिमामपुर स्थित सरकारी स्कूल की जमीन पर कब्जे का मामला भी सामने आ चुका है। इसमें विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सीडीओ की अध्यक्षता में वीबीजी रामजी योजना के तहत परिषदीय स्कूलों में चहारदीवारी के लिए प्रस्ताव बनाया गया है। बजट मिलते ही निर्माण कराया जाएगा।
- कोमल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी