धरना दूसरे दिन भी जारी, वर्करों का एक गुट धरने के विरोध में उतरा
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। यूनिटेक मशींस के वर्कर बुधवार को दूसरे दिन भी अपनी मांगों को लेकर धरने पर रहे। कंपनी से बाहर निकाले गए एक स्थाई कर्मचारी ने घोषणा की है कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह 15 नवंबर से आमरण अनशन शुरू कर देगा। दिल्ली रोड साईंधाम के नजदीक स्थित इस क्षेत्र की एक मात्र कंपनी यूनिटेक मशींस के प्रबंधन ने अपने आधा दर्जन कर्मचारियों पर यह आरोप लगाते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया था कि वह बाहरी तत्वों के साथ मिलकर कंपनी के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। कंपनी के इस कदम से गुस्साए वर्करों ने कई संगठनों के साथ मिलकर 13 नवंबर से अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया। धरने के दूसरे दिन कंपनी के वर्कर धरना स्थल पर डटे रहे। इसी बीच बुधवार को धरनारत वर्करों के बीच पहुंचे लेबर इंस्पेक्टर संतोष त्रिपाठी के समक्ष आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को रखा। वर्करों का कहना था कि जब तक उनकी मांगों को माना नहीं जाता उनका धरना जारी रहेगा।
लेबर इंस्पेक्टर ने वर्करों से कहा कि वह उनकी बात को कंपनी प्रबंधन के समक्ष रखेंगे जो निर्णय होगा उस पर अमल किया जाएगा। इस दौरान धरनारत वर्करों ने लेबर इंस्पेक्टर को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा। उधर कंपनी से निकाले गए स्थाई कर्मचारी गोपाल ने घोषणा करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह 15 नवंबर से आमरण अनशन शुरू कर देगा। कंपनी के एचआर एसए पिल्लई ने कहा कि कंपनी से निलंबित किए गए वर्करों को निलंबन भत्ता दिया जा रहा है और उसकी जांच जारी है। जांच पूरी होने पर वर्करों को इंतजार करना चाहिए था। धरना दिया जाना पूर्ण रूप से गलत है।
उधर कंपनी की मजदूर सभा यूएम आटोकाम्प मजदूर सभा से जुडे़ वर्कर धरना दे रहे वर्करों के खिलाफ खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि धरने पर बैठे कर्मचारी बाहरी तत्वों के साथ मिलकर कंपनी को बंद कराने का षड्यंत्र रच रहे हैं। यदि कंपनी बंद हो गई तो दो हजार परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। धरनारत वर्करों पर आरोप लगाने वाले अनिल पंवार, राकेश, रामलाल, नरेश, अमित, संजय, अमित सैनी, कुलदीप, जसवंत, संजय पंवार आदि हैं, जबकि धरनारत वर्करों ने इन आरोपों को झूठा बताया है।