सहारनपुर। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सहारनपुर मंडल में रोडवेज परिचालक बनने के लिए फर्जी प्रमाण-पत्र ही आवेदकों ने लगा दिए। जांच हुई तो अंकों में काफी अंतर पाया गया। सौ से भी कम आवेदकों के प्रमाण-पत्र सही पाए गए, जबकि अन्य सभी के आवेदन निरस्त कर दिए गए।
सहारनपुर मंडल में रोडवेज परिचालक की भर्ती के लिए आवेदनों की भरमार हो गई। मात्र 333 परिचालकों के लिए मांगे गए ऑनलाइन आवेदन में साढ़े 19 हजार लोगें ने आवेदन कर दिए। वरीयता सूची काफी अधिक होने के चलते प्रथम चरण में साढ़े 19 हजार में से सिर्फ 507 आवेदकों को ही बुलाया गया था। जिसके लिए 28 अगस्त अंतिम तारीख निर्धारित की गई। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश आवेदकों ने मांगे के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों में गड़बड़ी की और अंक बढ़ाकर फर्जी शैक्षिक प्रमाण-पत्र ऑनलाइन अटैच कर दिए। लेकिन जब आवेदकों के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की जांच की गई तो फर्जीवाड़ा सामने आता चला गया। मूल प्रमाण-पत्रों से जांच की गई थी। तो भारी संख्या में आवेदकों के अटैच किए गए प्रमाण-पत्रों में गड़बड़ी सामने आई। जिसके बाद उनके आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। आवेदन निरस्त होने के बाद भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या सौ से भी कम रह गई। जिसके चलते अब फिर से मेरिट जारी करने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि लगभग इतने ही लोगों को दूसरे चरण में बुलाया जाएगा। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि शैक्षिक प्रमाण-पत्रों में फर्जीवाड़ा होने के चलते भारी संख्या में आवेदनों को निरस्त किया गया है। जिस कारण काफी कम लोगों की ही भर्ती हो सकी है। फिर से आवेदकों को बुलाया जाएगा।