चिलकाना (सहारनपुर)। भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर रावण की रिहाई की मांग करते हुए सुलतानपुर में दलित महिलाओं ने अपने बच्चों के साथ भूख हड़ताल शुरू कर दी है। भूख हड़ताल की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाबुझाकर घर भेजा।
बुधवार को मोहल्ला कोठी वाला स्थित रविदास मंदिर परिसर में सुबह से ही दलित महिलाएं अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ एकत्र हो गई थी। महिलाएं जेल में बंद चंद्रशेखर रावण द्वारा जेल में भूख हड़ताल करने का समर्थन करते हुए मंदिर परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गई। महिलाएं चंद्रशेखर को रिहा करो, दो अप्रैल को गिरफ्तार किए गए दलितों को रिहा करो, भारत बंद के दौरान दलितों पर किए गए मुकदमे वापस लो आदि नारे लगा रही थी तथा नारे लिखी तख्तियां हाथों में ले रखी थी।
दोपहर के समय किसी ने दलित महिलाओं द्वारा भूख हड़ताल करने की सूचना पुलिस को दे दी। सूचना पर पुलिस भूख हड़ताल स्थल पर पहुंच गई। थाना प्रभारी नीरज सिंह ने भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं से बातचीत की तथा उनसे भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया। महिलाओं ने कहा कि जब तक चंद्रशेखर रावण को जेल से रिहा नहीं किया जाता वह भूख हड़ताल से नहीं उठेगी। पुलिस तथा समाज के जिम्मेदार लोगों ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया तो महिलाओं ने कहा कि यदि 14 अप्रैल को होने वाले डा. आंबेडकर जयंती समारोह को शांतिपूर्वक मनाने तथा उनकी बात को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दें तो वह अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगी। थाना प्रभारी ने महिलाओं की मांग पर अपनी सहमति जताते हुए आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाएं भूख हड़ताल समाप्त कर अपने अपने घर चली गई। भूख हड़ताल में मीनू सिंह, राज्जो देवी, सुनीता, रीना, अंजली, रानी, कुसुमलता, बबीता, सुमन, सरिता, शीला, माया, पारो, रेशम, सीतो आदि महिलाएं शामिल रही।