मुद्दों से ध्यान भटकाने को शरई मामलों में हस्तक्षेप कर रही केंद्र सरकार : निगहत
देवबंद। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य हज्जन निगहत परवीन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए सरकार मुसलमानों के शरई मसलों को उठा रही है। ताकि देश की जनता इसी में उलझकर रह जाए और सरकार से मुद्दों पर जवाब न मांगे।
सोमवार को लखनऊ से देवबंद पहुंचीं निगहत परवीन ने मोहल्ला पठानपुरा में जामिया इल्हामिया मदरसा तुल बनात की प्रबंधक खुर्शीदा खातून के आवास पर अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि आज देश में रहने वाले मुसलमानों की हालत दलितों से भी बदतर है। यह बात सच्चर कमेटी की रिपोर्ट से भी साबित हो चुकी है। लेकिन उसके बावजूद सरकार कमेटी की सिफारिशों को लागू नहीं कर रही है। कहा कि बहुविवाह, तलाक और हलाला जैसे नाजुक मुद्दे शरीयत-ए-इस्लाम के अहम हिस्से हैं और मुसलमानों की जिंदगी का पूरा निजाम शरीयत पर टिका हुआ है। लेकिन सरकार इन मुद्दों में हस्तक्षेप कर रही है। सरकार के नुमाईंदे रोज-रोज इन नाजुक मसलों पर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। मगर उन्हें कोई रोकने को तैयार नहीं है। इससे पता चलता है कि सरकार साजिश के तहत इन मसलों को उठाकर अपना उल्लू सीधा करना चाहती है। हज्जन निगहत ने कहा कि शरीयती मामलों में हस्तक्षेप करने से नाराज मुस्लिम महिलाएं पूरे देश में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रही हैैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। उन्होंने साफ कहा कि पूरे देश की मुस्लिम महिलाएं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ मजबूती से खड़ी हुई हैं। निगहत परवीन ने बताया कि इन मामलों को लेकर 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में पर्सनल लॉ बोर्ड का कार्यक्रम होने जा रहा है। जिसमें भारी संख्या में मुस्लिम महिलाएं भाग लेंगी।