बड़गांव (सहारनपुर)। आचार्य दया शंकर ने कहा कि आचार्यकुलम और गुरुकुलम पद्धति को लाना होगा। शिक्षा से ही परिवर्तन संभव है। हम समृद्ध होंगे तो देश समृद्ध होगा।
दल्हेड़ी गांव में आर्य भवन पर आयोजित भारत स्वाभिमान कार्यकारिणी व पतंजलि योग समिति की बैठक में प्रवचन करते हुए संगठन मंत्री दयाशंकर ने कहा कि शर्म और लज्जा को त्याग कर योग कक्षाओं में जाकर शिक्षा लेनी चाहिए। राज्य प्रभारी विपिन व ऋषिपाल आर्य ने कहा कि गलती करके इंसान कभी भी सुख को नहीं पा सकता। कर्मफल व्यवस्था पर पूरा विश्वास रखना होगा। तन पर अन्न का बहुत बड़ा असर होता है। खान पान को सुधारना होगा। यम, नियम, योग व विचार यदि शुद्ध होंगे तो शुद्धता अवश्य आयेगी। कार्यक्रम में बृजमोहन, सुनील शास्त्री, सचिन आर्य, योग प्रचारक अतुल ने भी विचार व्यक्त किये। कुलदीप आर्य, अरुण आर्य, सिंहराज आर्य, हरिसिंह आर्य, बिजेंद्र आर्य, किरणपाल प्रधान, पूनम आर्य, संजो आर्या, काजल आर्य, ज्योति आर्या सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे। संचालन महक सिंह आर्य ने किया।