सहारनपुर। अब उत्तराखंड के व्यापारी भी सहारनपुर की मंडियों में ई ट्रेडिंग के माध्यम से भागेदारी कर सकेंगे। मंडी समिति ने राष्ट्रीय कृषि बाजार के तहत उत्तराखंड के 20 व्यापारियों को यूनिफाई लाइसेंस दिए हैं। जबकि जनपद के चार व्यापारियों ने भी लाइसेंस लिए हैं। इससे मंडी में न सिर्फ प्रतिस्पर्धा बढे़गी बल्कि किसानों को उनके उत्पादों का उचित दाम भी मिल सकेगा।
किसानों को उनकी फसलों का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना के तहत प्रदेश की 100 मंडियों को जोड़ा गया है। जिसमें कोई भी व्यापारी किसान की फसलों को ई ट्रेडिंग के माध्यम से ऑनलाइन खरीदारी कर सकता है। जनपद में 39621 किसान और 538 व्यापारी इसमें पंजीकृत हो चुके हैं। इसके तहत अब तक 17.665 करोड़ रुपये की खरीदारी हो चुकी है। अब उत्तराखंड के साथ भी इंटर स्टेट मंडी ट्रेड भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड के 20 आढ़तियों को यूनिफाई लाइसेंस दिए गए हैं। इनमें देहरादून के नौ, रुड़की के चार, हरिद्वार के पांच और ऋषिकेश के दो व्यापारी शामिल हैं। इसके अलावा यहां के भी चार व्यापारियों ने लाइसेंस लिए हैं।
हाल ही में उत्तराखंड के साथ भी इंटर स्टेट ट्रेड शुरू किया गया है। उत्तराखंड के 20 आढ़तियों को यूनिफाई लाइसेंस दिए गए हैं। जिससे वे यहां पर ई ट्रेडिंग के मार्फत उत्पादों को खरीद सकेंगे। इससे उत्पादों के खरीदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढे़गी, जिसका लाभ किसानों को होगा। किसानों को मंडी में फसलों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। - अनिल कुमार, सचिव मंडी समिति सहारनपुर।
ई ट्रेडिंग के फायदे
- पारदर्शी ऑनलाइन ट्रेडिंग
- किसानों को उत्पादों की बेहतर कीमत
- खरीदारों के लिए लेन-देन खर्च में कमी
- भुगतान और डिलीवरी की गारंटी
- खरीदारों में पारदर्शी एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा