गंगोह (सहारनपुर)। गाजियाबाद में हुई गंगोह निवासी बीटेक के छात्र वैभव सैनी की संदिग्ध मौत के मामले में गाजियाबाद पुलिस द्वारा नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मृतक छात्र की विधवा मां अनीता देवी को न्याय मिलने की आस जगी है। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर कैंडल मार्च निकाला था। इसके अलावा विधायक और सांसद तक को प्रयास करने पड़े थे।
बता दें कि चार नवंबर 2017 को गाजियाबाद में कथित रूप से 18वीं मंजिल से गिरने से छात्र वैभव सैनी की संदिग्ध मौत हो गई थी। पुलिस इसे आत्महत्या बता रही थी, जबकि वैभव की विधवा मां इसे हत्या बताते हुए गाजियाबाद की विजयनगर पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने की मांग कर रही थी। पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज ना किए जाने पर विधवा मां ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराया था। इसके अलावा सामाजिक संगठनों से भी सहयोग की अपील की थी। गंगोह में सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर अनीता देवी को न्याय दिलाने की मांग की थी। अन्य स्थानों पर भी मार्च निकालकर वैभव के हत्यारों को सजा दिलाने की मांग की गई। भाजपा विधायक प्रदीप चौधरी एवं सांसद राघवलखन पाल शर्मा ने लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रिपोर्ट दर्ज कराने और न्याय दिलाने की मांग की थी। इसके बाद 25 जनवरी को विजयनगर थाने में नौ लोगों सुर्यांश, देवेंद्र, अभिजीत, आनंदित, प्रतीक, गौरव, तुषार, हेमंत और हेमंत के ड्राईवर के खिलाफ धारा 302 के तहत नामजद रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
नहीं मिला था कोई सुसाइड नोट
गंगोह। मृतक छात्र वैभव सैनी की मां अनीता और बहन अनुज्ञा का कहना है कि वैभव को हत्या से पहले दिन यानी तीन नवम्बर को कालेज के फेस्ट में क्रिएटिव लेखन के लिए प्रथम पुरस्कार मिला था। इसके अलावा मौत से मात्र दो घंटे पहले ही उसके जागिग करने का वीडियो है। उसके मोबाइल की बैटरी भी बाहर निकली पड़ी थी। उनका कहना है कि अगर वह आत्महत्या करता तो सुसाइड नोट जरूर लिखता।