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बहन बार-बार हुई बेहोश, मां को तो कोई सुध ही नहीं

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बहन बार-बार हुई बेहोश, मां को तो कोई सुध ही नहीं
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सहारनपुर। पुलिस की अमानवीयता के चलते दो किशोरों की मौत के बाद राकेश खुराना और प्रवीण गुप्ता के परिवारीजन सदमे में हैं। युवक अर्पित की बहन को तो होश ही नहीं आ रहा जबकि मां गुमसुम हो गई है और पिता की आंख के आंसू नहीं थम रहे हैं। उधर, सन्नी की मां को तो घटना के बाद से ही होश में नहीं है। कैंसर से जूझ रहे पिता समझ ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर अचानक यह सब क्या हो गया।
दो परिवारों का दीपक बुझने से पूरा नुमाइश कैंप ही गम और गुस्से में डूबा रहा। पुलिस के खिलाफ आंखों में आक्रोश नजर आया तो दोनों परिवारों की हालत देखकर आसपास के लोगों की भी आंखें नम हो गईं।
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अर्पित की बहन वान्या अब तक बेहोशी की हालत में है। शुक्रवार से ही वह बार-बार बेसुध हो रही है। वह अपने भाई का नाम देकर आवाज दे रही है। शनिवार को फिर से बहन वान्या बेहोश हो गई। परिजन उसे उठाकर घर के अंदर ले गए और होश में लाने का प्रयास करते रहे। मां संगीता तो कुछ बोल ही नहीं पा रही है। किसी को भी देखते ही पिता के आंखों से आंसू छलकते रहे।
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उधर, सन्नी के परिवार का भी बुरा हाल है। इकलौते भाई सन्नी की याद में दोनों बहनें टूट चुकीं हैं। मां ममता को तो दो दिन से होश ही नहीं है। होश में आते ही बेटा सन्नी-सन्नी चिल्लाती है और फिर बेहोश हो जाती है। गले के कैंसर की बीमारी से जूझ रहे पिता की आवाज निकल ही नहीं पाई। अधिकारी और जनप्रतिनिधि जैसे ही उनके घर सांत्वना देने पहुंचे तो परिवार के लोग फफक पड़े।
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