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भीम आर्मी पर कांग्रेस का रंग चढ़ाने की कवायद

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भीम आर्मी पर कांग्रेस का रंग चढ़ाने की कवायद
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सहारनपुर। हिंसा के मुख्य आरोपी भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के जरिए कांग्रेस दलित मतों में सेंधमारी की पुरजोर कोशिश कर रही है। सहानपुर में मुस्लिम मतों को एकजुट करने के बाद भी विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर शिकस्त के बाद अब कांग्रेस दलितों के एक खेमे को अपने पाले में करना चाहती है। यही कारण है कि भीम आर्मी के समर्थन में आई कांग्रेस अब भीम आर्मी पर पार्टी का रंग चढ़ाने की कवायद में जुटी है। हालांकि कांग्रेस से भीम आर्मी और उसके पदाधिकारियों की बढ़ रही नजदीकियों के चलते एक बड़ा दलित वर्ग भी कन्नी काटने लगा है। उधर, दलितों के बीच बसपा और भाजपा भी तेजी से सक्रिय होकर कांग्रेस और भीम आर्मी के गठजोड़ का प्रचार-प्रसार जोर शोर से कर रही है। कुल मिलाकर भीम आर्मी से कांग्रेस की बढ़ रही नजदीकी से भले ही कांग्रेस को इसका सियासी लाभ मिल जाए, मगर इससे भीम आर्मी जरूर कमजोर होकर अलग-थलग पड़ती नजर आ रही है।
दरअसल, हिंसा के बाद अब दलित मतों को लेकर सियासी घमासान तेज होने लगा है। भीम आर्मी के मजबूत होने से बसपा इसे दलित मतों में बंटवारा मान रही थी। इसी सियासी तापमान को भांपते हुए कांग्रेस ने हिंसा के बाद विवादों में आई भीम आर्मी के पाले में जाकर सहानुभूति लेने की कोशिश शुरू की है। चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस खुलकर भीम आर्मी के समर्थन में आ गई। इतना ही नहीं, चंद्रशेखर के परिजन भी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद के घर पहुंचकर सियासी भाषा बोलने लगे थे। अब कांग्रेस भीम आर्मी का पार्टी में विलय करना चाहती है और ऐसा नहीं होने पर इस सामाजिक संगठन पर पूरी तरह से कांग्रेस का रंग चढ़ाना चाहती है। यह माना जा सकता है कि सहारनपुर में पूर्व विधायक इमरान मसूद की वजह से मुस्लिम मतों पर कांग्रेस की अच्छी पैठ है। मगर, खुद इमरान मसूद को हाल में ही हुए विधानसभा चुनाव में मुंह की खानी पड़ी। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि मुस्लिम मतों के अलावा उन्हें कोई और समर्थन नहीं मिल पाया। दलित-राजपूत संघर्ष के बाद कांग्रेस दलितों की दुखती रग पर हाथ रखकर भीम आर्मी के जरिए सेंधमारी करना चाह रही है। उधर, कांग्रेस के सक्रिय होने के बाद दलितों ने भीम आर्मी से दूरी बनानी शुरू कर दी है। इसके पीछे बसपा और भाजपा ने भी आक्रामक रणनीति अख्तियार की है। कुल मिलाकर भीम आर्मी को लेकर चल रही सियासत अब तेज हो गई है।
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चंद्रशेखर की मां का वीडियो वायरल
चंद्रशेखर के जेल जाने के बाद उसकी मां ने आंदोलन की कमान संभाल ली है। सोशल मीडिया पर मां कमलेश का 22 मिनट का वीडियो आया है जिसमें 18 जून को जंतर-मंतर में प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की जा रही है। हालांकि इसी मामले में सतपाल तंवर ने 17 जून को प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, मगर नहीं मिल पाई।
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