देवबंद(सहारनपुर)। जीएसटी की खामियों को दूर करने के लिए बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को 28 सूत्रीय ज्ञापन भेजा है।
व्यापारियों ने एसडीएम रामविलास यादव को सौंपे ज्ञापन में बताया कि जीएसटी में अभी कई खामियां रह गई हैं। इसके लिए पंजीकरण, रिटर्न दरें, धाराएं एवं अन्य कानूनों की जानकारी देने के लिए तहसील स्तर पर व्यापारियों को प्रशिक्षण दिया जाए। जीएसटी में बंदूक व स्कूलों बस्तों पर 18 प्रतिशत दर लागू की गई है जो सही नहीं है। मंडी शुल्क को जीएसटी में शामिल नहीं किया गया। मध्य प्रदेश, बिहार एवं दिल्ली में मंडी शुल्क लागू नहीं है इस कारण यूपी के किरयाना और गल्ला व्यापारियों को कठिनाई उत्पंन होगी। इसलिए मंडी शुल्क या तो तत्काल समाप्त किया जाए अथवा इसे संपूर्ण देश में एक समान किया जाए। सोने-चांदी व हीरे के आभूषणों तथा कपड़े पर जीएसटी की दर एक प्रतिशत रखी जाए। जीएसटी में सर्च एंड सीजर की धारा में अधिकारियों को असीमित अधिकार दिए गए हैं इससे व्यापारियों का उत्पीड़न बढ़ेगा। जीएसटी की अन्य बहुत सी धाराएं भी इंस्पेक्टर राज को बढ़ाने वाली हैं। जिसमें सुधार होना चाहिए। ब्रांडेड वस्तुओं को कर मुक्त किया जाए। किराना पर 5 और सूखे मेवों पर 12 प्रतिशत जीएसटी उचित नहीं है। एलईडी बल्ब को कर मुक्त किया जाए। पंखे, कूलर समेत अन्य दैनिक वस्तुओं को 18 प्रतिशत की श्रेणी में रखा जाए। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों का दुर्घटना बीमा कराया जाए। पंजीकृत व्यापारी को विशिष्ट व्यक्ति का परिचय पत्र दिया जाए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष सुधीर गर्ग बबली, फुरकान अंसारी, राजेंद्र वर्मा, अंकित गर्ग, संदीप गर्ग, नदीम अंसारी, आदेश त्यागी, क्षितिज गर्ग, कमल गर्ग, सतीश सिंघल, सेठपाल चौधरी, अजय गर्ग, शफीक कुरैशी आदि मौजूद रहे।