देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना सैय्यद महमूद मदनी ने मक्का मस्जिद बम ब्लास्ट मामले की फिर से जांच कराए जाने की मांग की है। मदनी का कहना है कि देश की इंवेस्टीगेशन एजेंसियां अपनी जिम्मेदारियों के प्रति निष्ठावान नहीं है। जिसकी वजह से ज्यादातर मामलों में न्याय नहीं मिला पाता।
बुधवार को जारी बयान में मौलाना महमूद मदनी ने मक्का मस्जिद बम ब्लास्ट मामले में आए अदालत के फैसले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एनआईए अदालत का फैसला मृतकों के परिजनों के लिए निराशाजनक है जो 11 साल बीतने के बाद भी न्याय से वंचित हैं। जांच एजेंसियां अपनी जिम्मेदारियों को लेकर निष्ठावान नहीं है जिसके कारण अधिकांश मामलों में न्याय ही नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि दहशत और आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई सामूहिक है। इसलिए जांच एजेंसियों के कामकाज में पारदर्शिता और ईमानदारी लाने के साथ साथ उन्हें जवाबदेह करना बहुत जरूरी है। मौलाना मदनी ने मांग करते हुए कहा कि मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले की फिर से जांच कराई जाए साथ ही यह जांच भी कराई जाए कि आखिर इस फैसले के के तुरंत बाद जज ने किन कारणों के आधार पर इस्तीफा दिया है।