फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...पीठ पीछे से वार मत करना

विज्ञापन
विज्ञापन
...पीठ पीछे से वार मत करना
विज्ञापन

देवबंद (सहारनपुर)। मोहल्ला पठानपुरा में आयोजित हुए मुशायरे में शायरों ने देर रात तक उम्दा कलाम पेश कर श्रोताओं से दाद बटोरी।
शायरा अंजुम ने फरमाया- मैं जलता हुआ घर देख रही हूं, देखा तो नहीं जाता मगर देख रही हूं। फैसल सिवहारवी ने पढ़ा-अजीब हाल में आए वह मेरी मय्यत पर, यह मौत है तो मुझे मौत बार बार आए। नईम अख्तर ने कुछ यूं कहा-हसद की आग पर पानी को डाल देता हूं, वो तंज करता है, मैं हंस के टाल देता हूं।
विज्ञापन

अब्दुल्लाह शाहिद प्रतापगढ़ी ने फरमाया-हमको इस्लाम ने सिखाया है, पीठ पीछे से वार मत करना। नूर देवबंदी ने कुछ यूं कहा..मेरी खुशियों के लिए जान लुटाने वाले, मेरे दुख दर्द को पलकों पे सजाने वाले। अरशद मुर्तजा ने कहा-सिर उठाने लग गए हैं फिर यजीदी हर तरफ, अब शहादत का खुला ऐलान होना चाहिए। अजमत अली जौहर ने कुछ यूं बयां किया-बात आ जाए कभी जो अजमत-ए-इस्लाम पर, जान दे दो दीन हक पर वह शहादत चाहिए। आरिफ शिबली आजमी, असगर चंपारनी, मुर्तजा नेपाली, तौकीर आलम गाजीपुरी, रिजवान प्रतापगढ़ी और शमीम गाजीपुरी ने भी कलाम पेश किए। अध्यक्षता नईम अख्तर ने की। संचालन अजमत अली ने की। इस मौके पर उबैदुल्लाह, शफीक, असद, फैसल, रिजवान, आलम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें