सहारनपुर के लोगों को कब मिलेगी ‘हमसफर’
सहारनपुर। ट्रेनों की लेट लतीफी और निरस्त होने के चलते समस्या से जूझ रहे लोगों को आज तक हमसफर का साथ नहीं मिल सका। हमसफर एवं अंत्योदय ट्रेनों की घोषणा दो साल पहले 2016 के रेल बजट में की गई थी। इन ट्रेनों को सहारनपुर से होकर गुजरना था। लेकिन, आज तक संचालन शुरू नहीं हो पाया।
नए वर्ष से सहारनपुर को काफी उम्मीदें लगी हुईं हैं। खासकर रेलवे में विकास कार्यों एवं नई ट्रेनों का इंतजार है। लेकिन, सहारनपुर के लोगों को घोषणा के बावजूद नई ट्रेनों के न चल पाने की भी टीस है। वर्ष 2016 के रेल बजट में सहारनपुर से होकर गुजरने वाली साप्ताहिक दो ट्रेनों की घोषणा की गई थी। इनमें से एक ट्रेन हमसफर (22317) थी और दूसरी अंत्योदय एक्सप्रेस (22551) थी। हमसफर सियालदाह से जम्मू तवी तक के लिए शुरू की जानी थी, जो मुगलसराय, बनारस, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, अंबाला के रास्ते जम्मू तवी होकर जानी थी। लेकिन, इस हमसफर ट्रेन का सफर आज तक शुरू ही नहीं हो सका। दूरी अंत्योदय एक्सप्रेस डिब्रूगढ़ से जालंधर के लिए चलनी थी। वह भी शुरू नहीं हो सकी।
नए वर्ष में लोगों को उम्मीद है कि इन लंबी दूरी की नई ट्रनों का संचालन तो शुरू होगा ही, कुछ नई ट्रेनों की सौगात भी नए वर्ष में मिल सकती है।
ट्रेनों के संचालन की स्थिति पता की जाएगी
सांसद राघव लखनपाल शर्मा का कहना है कि दोनों ट्रेनों की स्थिति के बारे में सही जानकारी की जाएगी कि किस कारण इन ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका। उनके स्तर से पूरा प्रयास किया जाएगा कि लोगों को अधिक और अच्छी सुविधा मिल सके।
हेडक्वार्टर से ही होना है निर्णय
मंडल रेल प्रबंधक डीसी शर्मा का कहना है कि ट्रेनों के संचालन के बारे में रेलवे बोर्ड और हेडक्वार्टर द्वारा ही निर्णय लिया जाता है। सही स्थिति क्या है। इसकी जानकारी की जाएगी।