सहारनपुर। मकोका की तर्ज पर यूपी कोका (उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) को भी मंजूूरी मिलने के बाद संगठित अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। संगठित अपराधियों की तुंरत जमानत नहीं हो सकेगी। सहारनपुर के भूमाफियाओं और खनन माफिया समेत सभी चिह्नित भू-माफिया इस दायरे में आ जाएंगे।
सहारनपुर में संगठित अपराधियों का बोलबाला है। यहां भूमाफियाओं की लंबी फेहरिस्त है तो खनन माफियाओं का भी पूरा जोर है। पुलिस और प्रशासन द्वारा भू-माफिया और खनन माफियाओं को चिह्नित किया जा चुका है। ऐसे अपराधी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद जमानत कराकर फिर जेल से बाहर आ जाते हैं। लेकिन प्रदेश में संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद ऐसे अपराधियों को इस दायरे में लाया जाएगा जिससे जल्दी जमानत नहीं मिल सकेगी।
26 भूमाफिया, 2 खनन माफिया रजिस्टर्ड
सहारनपुर में पुलिस और प्रशासन द्वारा 26 भूमाफिया को चिह्नित किया गया है। जबकि पुलिस रिकार्ड में दो खनन माफियाओं के नाम का भी शामिल हैं। जिनकी सूची बनाई गई है। इन पर यूपीकोका के तहत कार्रवाई संभव है।