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कृष्ण जन्मोत्सव के लिए सजा शहर

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कृष्ण जन्मोत्सव के लिए सजा शहर
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सहारनपुर। भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। एक ओर जहां बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। वहीं सभी प्रमुख मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया जा रहा है। इस बार 14 अगस्त की शाम पौने छह बजे से अष्टमी तिथि की शुरूआत होगी जो अगली रात पौने आठ बजे तक रहेगी। लोग बाजारों से लड्डू गोपाल को श्रद्धाभाव से अपने घर लेकर जा रहे हैं।
भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर लोगों में भारी उत्साह दिखाई दे रहा है। जन्माष्टमी पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। स्कूूलों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सभी प्रमुख मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जा रहा है। इसके साथ ही साफ-सफाई के अलावा रंग-रोगन भी कराया जा रहा है। शहर में जगह-जगह लगने वाली भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियों की तैयारियां भी तेज चल रही है। विभिन्न संस्थाओं और युवाओं के ग्रुप द्वारा कई जगहों पर झांकियां लगाई जा रहीं हैं, जिन्हें देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती है।
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अष्टमी पर व्रत रखना फलदाई
--14 अगस्त की शाम पौने छह बजे से अष्टमी की शुरूआत होगी, जो अगले दिन पौने आठ तक बजे रहेगी। इस बार रोहिणी नक्षत्र का योग 15 अगस्त को रहेगा। ब्रह्मपुरी कालोनी स्थित श्री शिव बगलामुखी मंदिर के पंडित रोहित वशिष्ठ का कहना है कि अष्टमी पर व्रत रखना विशेष फलदायी होता है। अष्टमी की रात चंद्रोदय 11 बजकर 26 मिनट पर होगा। इस समय ऊं नमो वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जप करें। ऐसा करने वाले व्यक्ति पर पूरे वर्ष भगवान श्री कृष्ण की कृपा बनी रहेगी। बताया कि व्रत फलाहार से खोलें। व्रत में स्मार्त एवं वैष्णवों के लिए अलग-अलग निर्णय दिया गया है। र्स्मात का अर्थ गृहस्थी और वैष्णव का अर्थ संन्यासी भक्त है। गृहस्थी भक्तों को व्रत रखने के लिए रात में अष्टमी तिथि का होना जरूरी है। इस बार यह योग 14 अगस्त की रात में बन रहा है।
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---। ऐसे करें भगवान की आराधना
-- चंद्र उदय के समय भगवान श्री कृष्ण की अराधना करें। साथ ही उनके माता-पिता को भी प्रणाम करें।
-- भगवान श्री कृष्ण को दूध, दही, शहद और शक्कर और फिर गंगाजल से स्नान कराएं।
-- भगवान को सुंदर वस्त्र पहनाकर चंदन का तिलक लगाएं। तुलसी के पत्ते और पुष्प मालाएं चढाएं।
-- धूप, दीपक दिखाकर लड्डू, पेड़े, मक्खन, मिश्री और सूखे धनिए को भूनकर पीस लें और बूरा मिलाकर भगवान को भोग लगाएं।
-- श्री कृष्ण की आरती उतारें और हाथी घोड़ा पालकी की, नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, का उच्चारण करें।
-- पास के मंदिर में जाकर श्री कृष्ण भगवान को पांच पीले फूल एवं दो फल अर्पित करें। ऐसा करने पर भगवान की कृपा प्राप्त होगी। त्र्

--। शहर के इन मंदिरों में रहती है भारी भीड़
सहारनपुर। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वरश् महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री हरि मंदिर, श्री नारायणपुरी मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री शिवशक्ति तहसील मंदिर, श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर, श्री साईंधाम, श्री बालाजी धाम, पुलिस लाइन स्थित मंदिर, श्री हनुमान मंदिर में भारी भीड़ रहती है। इन सभी मंदिरों में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां चल रही हैं।
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