प्रकाष्ठ अभिवहन शुल्क वसूली के ठेके की नीलामी स्थगित
सहारनपुर। प्रकाष्ठ अभिवहन शुल्क वसूली ठेके की नीलामी सोमवार को फिर स्थगित हो गई। जिला पंचायत की नीलामी समिति ने कहा कि नीलामी की धरोहर राशि पूर्व में 25 लाख रुपये रखी गई थी, लेकिन नीलामी की बोली 3.60 करोड़ से अधिक पहुंच रही है। लिहाजा धरोहर राशि 50 लाख रुपये जमा कराने के बाद 18 फरवरी को नीलामी कराई जाएगी। अब नीलामी में शामिल प्रत्येक ठेकेदार को 25-25 लाख रुपये धरोहर राशि के और जमा कराने होंगे।
सोमवार को जिला पंचायत सभागार में प्रकाष्ठ अभिवहन शुल्क वसूली के लिए नीलामी शुरू की गई। इसमें चार प्रतिभागियों द्वारा लगाई की बोली 3.60 करोड रुपये से अधिक हो गई। जबकि ठेकेदारों धरोहर राशि के रूप में मात्र 25 लाख रुपये ही जमा हैं। इसके चलते नीलाम समिति ने निर्णय लिया कि धरोहर राशि कम है और उसे बढाया जाए। नीलामी समिति का तर्क था कि पूर्व में ठेका 2.70 करोड़ रुपये में छूटा था। जिस कारण धरोहर राशि 25 लाख रुपये रखी गई थी। उन्होंने धरोहर राशि को बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का निर्णय लिया। जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी डॉ. सुमन लता ने बताया कि ठेकेदारों को अब 25 लाख रुपये की एफडीआर ओर जमा करानी होगी। उन्होंने बताया कि नीलामी में बोलीदाता का कोई प्रतिनिधि मान्य नहीं होगा। अब यह नीलामी 18 फरवरी को होगी। इससे पहले भी यह बोली एक बार स्थगित हो चुकी है। हालांकि कुछ ठेकेदारों ने नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर आपत्ति भी जताई है।
कुछ ठेकेदारों ने मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी को ज्ञापन भेजकर जिला पंचायत के प्रकाष्ठ अभिवहन शुल्क वसूली के ठेके नीलामी को लेकर कई ठेकेदारों ने अपर मुख्य अधिकारी पर एक ठेकेदार को लाभ देने के लिए नीलामी शर्तों में फेर बदल करने का आरोप लगाया। मंडलायुक्त को भेजे पत्र में ठेकेदार जोध सिंह, राजीव कुमार आदि ने मंडलायुक्त से अन्य किसी सक्षम अधिकारी की देखरेख में नीलामी प्रक्रिया को पूरा करने और ठेकेदारों के हित में दिशा निर्देश देने की मांग की।