अनशन कर रहे किसानों ने जलाई गन्ने की होली
साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। चीनी मिल का संचालन कराने की मांग को लेकर किए जा रहे आमरण अनशन के पांचवें दिन किसानों ने धरना स्थल पर गन्ने की होली जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं मिल गेट पर चल रहा धरना भी 73वें दिन में पहुंच गया है। चार वर्ष से बंद पड़ी चीनी मिल को संचालित कराने के लिए किसानों का यह धरना 20 अक्तूबर से जारी है।
मंगलवार को धरना स्थल पर किसानों ने गन्ने की होली जलाकर रोष जताया और कहा कि प्रशासन उन्हें गुमराह कर रहा है। अब से 15 दिन पहले प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर घोषणा की थी कि मिल बिक्री की 90 प्रतिशत औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी है। अब 10 प्रतिशत औपचारिकता को पूरा होने में कितना समय लगेगा। इसका प्रशासन कोई जवाब नहीं दे पा रहा है। किसानों ने डीएम के पांच जनवरी को मुख्यमंत्री से वार्ता के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए कहा कि यदि वार्ता का प्रयास सकारात्मक नहीं रहा तो छह जनवरी को महापंचायत कर रणनीति तय की जाएगी।
मंगलवार को पद्म प्रकाश शर्मा, बाबूराम सैनी, हाजी खुर्शीद, मोहम्मद इश्त्याक के साथ ही अस्पताल से उपचार करा कर लौटे दर्शन लाल कांबोज, चमेल सिंह सैनी और हाजी मुकर्रम अनशन पर बैठे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आमरण अनशन पर बैठे किसानों के स्वास्थ्य की जांच की। टीम प्रभारी जेपी भट्ट ने बताया कि 85 वर्षीय बुजुर्ग किसान बाबूराम सैनी के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। किसानों ने इस बात पर रोष जताया कि जांच के लिए केवल फार्मेसिस्ट को भेजा गया।
धरना स्थल पर किसान समय सिंह प्रधान, नारायण सिंह, रामपाल सिंह, वीरेन्द्र सिंह, पवन सिंह, बिरमपाल कांबोज, सतीश शर्मा, बुद्ध सिंह प्रधान, रणबीर सिंह, रामपाल सिंह, इंद्राज सिंह कांबोज, चौधरी देवी सिंह, शिकलचंद, मेघराज सैनी, सोमपाल सिंह, सुरेशपाल, शोभाराम भगत, बिटटू सिंह, जायर चांद मियां, चौधरी ताहिर, अय्यूब हसन ,आमिर चौहान, चौधरी नदीम, चौधरी हाशिम आदि मौजूद रहे।
उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. नितिन ने बताया कि डा. उस्मान को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए धरना स्थल पर जाने के लिए कह दिया गया था। यदि वे धरना स्थल नहीं पहुंचे तो जानकारी कर कार्यवाही की जाएगी। शाम को दोबारा चिकित्सक को भेजकर आमरण अनशन पर बैठे किसानों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा।