सहारनपुर। वुड सीजनिंग प्लांट को प्राइवेट कंपनी को ठेके पर दिए जाने के विरोध में शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से मुलाकात की। उन्होंने तत्काल इस कार्रवाई के रोक की मांग की।
बसपा के वरिष्ठ नेता हाजी फजलुर्रहमान ने मंडलायुक्त से कहा कि जनपद सहारनपुर पूरे विश्व में वुड कार्विंग उद्योग के कारण प्रसिद्ध है। सहारनपुर में वुड सीजनिंग प्लांट स्थापना इस कारण हुई थी कि यहां के छोटे कारीगरों से माल खरीदकर और उनकी लकड़ी को सीजन कराकर स्वयं ही अपने प्रदर्शन कक्षों में उसकी बिक्री की जाती थी और करोड़ों रुपये का निर्यात भी किया जाता था। उन्होंने बताया कि इस कारोबार का प्रोत्साहन उत्तर प्रदेश निर्यात निगम को मिलने लगा और इससे सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई एवं लाखों गरीब कारीगरों को रोजगार मिला। हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि उत्तर प्रदेश निर्यात निगम के कुछ लोगों की मिलीभगत और कुछ भूमाफिया के साथ साठगांठ से इसको प्राइवेट सेक्टर में देने की कार्रवाई की गयी है। इस प्लांट के प्रांगण में कईं बीघा जमीन खाली पड़ी है, जिस पर कुछ लोगों की नजर है। इसकी आड़ में यहाँ लकड़ी का अवैध कारोबार किये जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। बसपा के मुख्य जोन प्रभारी नरेश गौतम व जोन प्रभारी कुलदीप बालियान ने कहा कि वुड सीजनिंग प्लांट के प्राइवेट हाथों में जाने से सहारनपुर के सैकड़ों लकड़ी निर्यातकों को उनकी लकड़ी सीजन न होने से भारी हानि होगी। बसपा जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद व निर्यातक शेख अब्दुर्रहमान ने कहा कि जब असाइड योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 67 लाख रुपये लगाकर इसका नवीनीकरण किया गया और कम कर्मचारियों के रहते हुए भी यह आज अच्छी स्थिति में है और लकड़ी का कारोबार करने वालों को इससे लाभ पहुंच रहा है ऐसी स्थिति में इसको कंपनी के हाथों में देना निर्यातकों के साथ साजिश है। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक जगपाल सिंह, राव बाबर, लोधी कुमार, प्रताप सिंह, सय्यद हस्सान, रिहान आदि उपस्थित रहे।