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मेयर के लिए भाजपा की होगी बसपा से सीधी टक्कर

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सहारनपुर। पहली बार सहारनपुर में मेयर के लिए हो रहे चुनाव में मतदान के बाद स्थिति साफ सी होने लगी है। चार प्रमुख दलों के बीच चल रही रस्साकस्सी के बीच मतदाताओं के रुझान से स्पष्ट है कि भाजपा और बसपा के बीच इस सीट पर सीधी टक्कर है। मतदान के रुझान पर नजर दौड़ाए तो साफ है कि भाजपा के पाले में हिन्दू मतदाता एकजुट रहा और बसपा को दलितों के अलावा मुस्लिमों का भी साथ मिला है। हालांकि मुस्लिम मतों के बिखराव से इनकार नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस और सपा ने भी इस मत पर कब्जा जमाने की कोशिश की है। हालांकि सपा के प्रति मतदाताओं का रुझान काफी कम रहा, मगर कांग्रेस की स्थिति चुनाव परिणाम को निर्णायक बनाएगी।
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निकाय चुनाव में सहारनपुर में पहली बार हो रहे मेयर चुनाव के लिए सभी दलों ने पिछले कई दिनों से ऐड़ी चोटी का जोर लगाया। बुधवार को मतदान के बाद तस्वीर काफी साफ होने लगी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुस्लिमों ने बसपा का रुख किया है, मगर इन मतों में बिखराव हुआ है। कांग्रेस ने ज्यादा मुस्लिम वोट हासिल किए और सपा ने कम, मगर इससे मुस्लिम मतों का बटवारा हुआ है। हालांकि यह बटवारा कितना हुआ है यही हार जीत का आधार बनेगा। उधर, भाजपा के खाते में हिन्दू मत एकजुट होकर आया है। इस पूरी गुणा गणित को ध्यान से देखे तो कांग्रेस मुकाबले में है, मगर वह बसपा से काफी पिछड़ चुकी है। जबकि सपा पूरी तरह से मुकाबले से ही बाहर दिखाई दे रही है। हालांकि मतगणना के बाद पूरी तस्वीर साफ होगी, मगर साफ तौर पर नगर निगम में लड़ाई भाजपा और बसपा के बीच मानी जा रही है। यहां बता दें कि भाजपा की ओर से संजीव वालिया, बसपा से हाजी फजलुर्रहमान, कांग्रेस से शशि वालिया और सपा से साजिद चौधरी मैदान में हैं। भाजपा हिन्दू मतों को एकजुट करने में जुटी रही और मतदान के रुझानों से साफ है कि वह काफी हद तक इसमें सफल रही है। बसपा भी अपने फार्मूले में काफी हद तक लक्ष्य पर पहुंची है। ऐसे में साफ है कि आमने-सामने की लड़ाई में हार जीत के मतों का अंतर भी बहुत ज्यादा नही रहेगा।
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कांग्रेस को हुआ नुकसान
पूर्व विधायक इमरान मसूद के चेहरे से मुस्लिम मतों को साधने की कोशिश में कांग्रेस ने शशि वालिया को प्रत्याशी बनाया ताकि हिन्दू मतों में सेंधमारी हो जाए। मगर, बसपा के मुस्लिम चेहरे लाने से कांग्रेस का मुस्लिम काफी संख्या में खिसक गया और हिन्दू भी शशि वालिया के पाले में नहीं जा पाए। ऐसे में नगर निगम में कांग्रेस को जरुर नुकसान होता दिखाई दे रहा है।
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