देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम में आस्था रखने वाले लोग अब विदेशों में बैठे बैठे ही संस्था को चंदा दे सकते हैं। दारुल उलूम ने चंदे के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है।
इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम का पूरा निजाम चंदे पर चलता है। देश से बड़ी संख्या में लोग संस्था को चंदे के रुप में मोटी रकम देते हैं। जिसको छात्रों की तालीम पर खर्च किया जाता है। विदेशों में भी दारुल उलूम में आस्था रखने वाले लोगों की तादाद अच्छी खासी है और वो भी संस्था में चंदा देना चाहते हैं, लेकिन ट्रांसफर प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों को देखते हुए वह ऐसा नहीं कर पा रहे थे। विदेशों में बैठे लोगों की परेशानी को देखते हुए संस्था के इंटरनेट विभाग ने ऑनलाइन चंदे की व्यवस्था शुरू की है। इसके लिए दारुल उलूम की वेबसाइट पर जाना होगा और एनआरआई ऑप्शन चुनकर सीधे संस्था के खाते में चंदा भेजा जा सकेगा। जबकि भारत से ऑनलाइन चंदा देने वाले लोग इंडियन ऑप्शन सेलेक्ट करके संस्था के खाते में चंदा भेज सकते हैं।