हैंडपंप उखाड़ने से पेयजल संकट गहराया
बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। दिल्ली देहरादून फोरलेन निर्माण के दौरान सरकारी और घरेलू हैंडपंप उखाड़े जाने से क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। इसके चलते गर्मी में लोग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। हाईवे के निर्माण से पहले कस्बे में इंडिया मार्का के सात हैंडपंप लगे थे। इसके साथ ही दुकानदारों ने दो दर्जन से अधिक अपने हैंडपंप भी लगवा रखे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के दौरान इन सभी को उखड़वा दिया गया। इन सबके एवज में निर्माण कंपनी ने एकमात्र हैंडपंप लगवा कर अपने दायित्व की इतिश्री कर ली। कस्बे में सड़क किनारे दूर दूर तक हैंडपंप न होने से स्थानीय लोगों के साथ ही राहगीरों को भी पानी की दिक्कत हो गई है। लोगों को पीने के पानी के लिए गली मुहल्लों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों को तलाश करने पर मुहल्लों में हैंडपंप मिल जाते हैं। लेकिन रोडवेज की बसों या अन्य वाहनों के यात्रियों को कस्बे में रुकने पर केवल बोतलबंद पानी ही मिल पाता है। पानी के लिए भी इन यात्रियों को जेब काफी हल्की करनी पड़ रही है। ग्रामीणों मनोज कुमार, सुशील, मांगेराम, प्रमोद और सचिन ने सड़क किनारे हैंडपंप लगवाने की मांग की है। उधर, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राज किशोर का कहना है कि निर्माण कंपनी के प्रबंधक से बातचीत कर उखड़वाए गए हैंडपंपों को फिर से लगवाया जाएगा।