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जनपद में शरदकालीन गन्ने का रकबा दो वर्ष में 460 प्रतिशत बढा

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सहारनपुर। बढ़िया उत्पादन और सह फसली से अतिरिक्त आय के चलते किसानों में शरदकालीन गन्ने की खेती की तरफ तेजी से रुझान बढ़ रहा है। पिछले दो वर्षों में सहारनपुर मंडल में शरदकालीन गन्ने के रकबे में 98 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जबकि जनपद सहारनपुर में यह बढ़ोतरी 460 फीसदी हो गई है।
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समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने के बावजूद किसानों का मोह गन्ने की खेती की ओर बढ़ रहा है। मंडल में शरदकालीन गन्ना बुवाई के पिछले तीन वर्ष के आंकडे़ चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2016-17 में जनपद में जहां 403 हेक्टेयर में शरदकालीन गन्ने की बुवाई हुई थी, जो इस बार 2256 हेक्टेयर हो गई। इसमें 1953 हेक्टेयर रकबा गन्ने की अगेती प्रजाति का है।
सहारनपुर मंडल के तीनों जिलों में 9388 हेक्टेयर में शरदकालीन गन्ने की खेती हो रही है, जो 2016-17 के आंकड़े के मुकाबले 4651 हेक्टेयर बढ़ गया है। शरदकालीन गन्ने की बुआई सितंबर से नवंबर के प्रथम सप्ताह तक होती है। ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई होने पर किसान इसके साथ ही सहफसली के तौर पर आलू, सरसों, गेहूं, मसूर, लहसुन, चना और मटर आदि की भी खेती करते हैं। जिससे उन्हें अतिरिक्त आय मिलती है। इसमें गन्ने का उत्पादन भी करीब 80 से 100 क्विंटल प्रति बीघा मिल जाता है। जो सामान्य बुवाई से काफी अधिक है। गांव नन्दी फिरोजपुर के प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह और गांव बिड़वी के प्रगतिशील किसान सुधीर कुमार का कहना है कि शरदकालीन गन्ने में लागत कम आती है और उत्पादन अधिक होता है। इसलिए शरदकालीन गन्ने की खेती किसानों के लिए लाभकारी है।
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------- गन्ना रकबा में साल दर साल बढ़ोतरी
जनपद ------- 2016-17-------2017-18---------2018-19
सहारनपुर--------403 ------- 1325 --------------- 2256
मुजफ्फरनगर----2754------- 4522-------------- 5242
शामली-------1580------- 1671--------------- 1890
(गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार)
शरदकालीन गन्ना खेती के फायदे
- गन्ने की साथ सहफसली खेती
- गन्ने की लागत में कमी
- उत्पादन करीब डेढ़ गुना अधिक
- गन्ना कम गिरता है
- गन्ना बुआई की ट्रेंच विधि का प्रयोग
- गन्ने से शुगर रिकवरी अधिक
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शरदकालीन गन्ने में ली जाने वाली सह फसल
शरदकालीन गन्ने के साथ किसान सह फसल भी लेता है। मंडल में आमतौर पर ट्रेंच विधि से शरदकालीन गन्ना बुआई की जाती है। इसमें सरसों, गेहूं, मसूर, लहसुन, आलू, मटर और चना आदि फसल को गन्ने के साथ लिया जाता है। जिससे किसान को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है।
वर्जन ------
मंडल में किसानों का रुझान गन्ने की शरदकालीन गन्ने की ओर बढ़ा है। सहारनपुर मंडल में पिछले दो वर्षों में गन्ना रकबा 98 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि सहारनपुर जनपद में वृद्धि 460 फीसदी है। गन्ना रकबे में बढ़ोतरी किसानों की जागरूकता का परिणाम है। -- डॉक्टर दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त सहारनपुर परिक्षेत्र।
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