नानौता (सहारनपुर)। शब-ए-बरात के मौके पर जहां मस्जिदों व मदरसों में विशेष दुआ मांगी गई वहीं मुस्लिम समाज के लोगो द्वारा देर रात तक कब्रिस्तानों में जाकर फातेहा भी पढ़ी गई।
ईदगाह सुन्नी के इमाम हजरत मौलवी मो. आमिल मजाहिरी ने फोन पर बताया कि 14 शाबान की रात में अल्लाह ताअला अपने बंदों के गुनाह माफ करता है। अल्लाह ताआला अपने बंदों की मगफिरत के फैसले भी इसी रात में करता है। उन्होंने बताया कि गैर शरई रस्मों व फिजूल की बातों से खुद भी और अपने बच्चों को भी बचाएं। इस रात में कसरत के साथ अल्लाह की इबादत करें ओर अपने गुनाहों की तौबा करें कहा कि 15 शाबान के रोजे की फजीलत भी बताई। बताया कि कुरान पाक को पढ़ना और पढ़ाना बहुत बड़ा सवाब है। मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा इस मौके पर दुनिया से जा चुके अपने रिश्तेदारों और बुजुर्गो के लिए कब्रिस्तान जाकर दुआएं मगफिरत की गई। इसके अलावा इस अवसर पर युवाओं द्वारा आतिशबाजी गई।