चांद तारे वाले झंडे बहुत देशों के हैं : उलमा
देवबंद। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी द्वारा चांद तारे वाला झंडा इस्लामिक नहीं है, इस पर हिंदुस्तान में बैन लगना चाहिए से संबंधित रिट कोर्ट में दाखिल किए जाने का देवबंदी उलमा ने विरोध किया है। सवाल उठाया कि चांद तारे वाले झंडे बहुत देशों के हैं क्या वो सभी पाकिस्तानी झंडे हैं।
मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेश उपाध्यक्ष मुफ्ती अहमद का कहना है कि वसीम रिजवी कोर्ट में रिट दाखिल कर बिना वजह कोर्ट का वक्त खराब कर रहे हैं। क्योंकि कई ऐसे मुल्क हैं जिनके झंडों पर चांद तारे बने हुए हैं। जबकि बरेलवी मसलक का ये प्रतीक है। इसलिए वसीम रिजवी को यह हक नहीं बैठता कि वो किसी के प्रतीक चिह्न को अपमानित करें। उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी बताएं कि क्या वो अकेले मुसलमान रह गए हैं जो ज्यादा देशभक्त हैं। देवबंदी और बरेलवी मसलक के जो लोग हैं क्या वो देशभक्त नहीं है। मुफ्ती अहमद ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वो देश में नफरत का माहौल बनाने वाले वसीम रिजवी के खिलाफ कड़े कदम उठाए।