बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। गांव थापुल इस्माईलपुर में विकास कार्यों की जांच करने पहुंचे पंचायत राज विभाग के डिप्टी डायरेक्टर को काफी खामियां मिलीं। विकास कार्यों की गुणवत्ता में मानकों की अनदेखी देखकर डिप्टी डायरेक्टर का पारा चढ़ गया। मौके पर मौजूद पंचायत सचिव जांच के दौरान टीम के सवालों का सही तरीके से जवाब भी नहीं दे पाए। इस पर अधिकारी खासे नाराज हुए।
मंडल के सभी जनपदों में उन दस बड़ी ग्राम पंचायतों की टीएसी जांच कराने की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एके सिंह को सौंपी है जहां सबसे अधिक बजट पंचायत राज विभाग द्वारा आवंटित किया गया है। सोमवार को ब्लाक मुजफ्फराबाद की ग्राम सभा थापुल इस्माईलपुर में जांच के दौरान तमाम तरह के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में भारी गड़बड़ियां मिलीं तो एके सिंह नाराज हो गए। जांच के दौरान दून हाइवे सें थाने के गेट तक कुछ दिन पहले डाली गयी सीसी क्षतिग्रस्त मिली। इस रोड को पुलिस की मदद से ग्राम प्रधान ने मिलकर बनाया परन्तु गुणवत्ता निम्न स्तर की मिली। इसी तरह रामगढ़ में इंटरलॉकिंग टायल्स और गांव से बुग्गावाला रोड तक सीसी रोड निर्माण से पहले जहां आरबीएम डाला जाना था वहां मिट्टी डालकर काम पूरा करा दिया। बिहारीगढ़ से टांडा मिश्री मार्ग तथा आर्य नगर के अलावा खेड़ा कालोनी में कराए गए विकास कार्यों में भी अनेक तरह की खामियां देखने को मिली। मौके पर मौजूद ग्रामीणों से भी अधिकारियों ने विकास संबंधी जानकारी ली। डिप्टी डायरेक्टर एके सिंह ने मौके पर मौजूद ग्राम पंचायत सचिव प्रमोद कुमार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने तथा रिकार्ड दुरुस्त रखने की कड़ी हिदायत दी। जांच दल में मुख्य रूप से जिला पंचायत सहारनपुर के अभियंता इलमचंद, ग्राम्य विकास विभाग के अवर अभियंता केपी सिंह, स्वच्छ भारत मिशन के डिवीजन कोआर्डिनेटर मोहम्म्द तैयब आदि शामिल थे। जिला पंचायत राज विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एके सिंह ने बताया कि शामली, मुजफ्फरनगर की दस दस बड़ी ग्राम सभाओं की टीएसी जांच पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि ग्राम थापुल इस्माईलपुर में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता देखकर वे हैरान हैं। पंचायत सचिव को सख्त हिदायत दी है कि गुणवत्ता में सुधार नहीं किया तो रिपोर्ट शासन तक पहुंचने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।