बेहट (सहारनपुर)। करौंदी गांव से पलायन करने वाले पीड़ित परिवार को वापस लाने के लिए पुलिस के बाद क्षेत्र के गण्यमान्य लोग इब्राहीमपुर पहुंचे, लेकिन पीड़ित परिवार ने साफ तौर पर वापस आने से इंकार कर दिया। उनका कहना था, कि उन्होंने परेशान होकर ही गांव छोड़ा है। उनके पास पलायन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।
उनके पलायन के बाद रविवार को सीओ शिवराज सिंह एवं कोतवाली प्रभारी एमपी सिंह पीड़ित परिवार से मिलने इब्राहीमपुर गांव पहुंचे थे, लेकिन पीड़ित परिवार ने वापस आने से साफ तौर पर इंकार कर दिया था। सीओ और कोतवाली प्रभारी के बाद शाम के समय क्षेत्र के गण्यमान्य लोग जिनमें बेहट गन्ना विकास समिति के चेयरमैन सुधीर राणा रंडौल, जिला पंचायत सदस्य सुशील कुमार मांडूवाला, राजबीर सिंह हलवाना, राज सिंह राणा मरवा, प्रदीप सिंह पूर्व प्रधान, पूर्व प्रधान देवेंद्र, नकली सिंह, पप्पू राणा, सुधीर कुमार करौंदी, पूर्व प्रधान स्वराज सिंह मुसैल, पूर्व प्रधान रामपाल सिंह अनवरपुर बरौली, नरपाल प्रधान जीवाला, राजेश एडवोकेट जीवाला, विजयपाल सिंह मांडूवाला आदि पीड़ित परिवार से मिलने इब्राहीमपुर पहुंचे। सभी ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और आश्वस्त किया, कि पूरा समाज उनके साथ है। उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। पुलिस प्रशासन अपना काम कर रहा है। कोई भी आरोपी नहीं बचेगा। सभी को गिरफ्तार किया जाएगा, लेकिन परिवार के त्रिलोकचंद ने कहा कि गांरटी कौन लेगा। हम परेशान होकर ही गांव छोड़कर आए हैं। पीड़ित परिवार ने साफ तौर पर वापस आने से इंकार कर दिया। गन्ना समिति के चेयरमैन सुधीर राणा ने बताया कि पीड़ित परिवार ने उनसे मंगलवार तक का समय सोचने के लिए मांगा है। उन्हें यह भी आश्वासन दिया है, कि उनकी बात पर गंभीरता से विचार करेंगे।