लोक कल्याण मेले में दी सरकारी योजनाओं की जानकारी
गंगोह (सहारनपुर)। खंड विकास कार्यालय पर आहूत लोक कल्याण मेले एवं लाभार्थी सम्मेलन में सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही किसानों से सुझाव आमंत्रित करने के अलावा उनकी समस्याओं पर भी चर्चा की गई।
लोक कल्याण मेले में कृषि विभाग के रविंद्र सिंह चौहान ने किसान पारदर्शी योजना, यंत्रीकरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना और कृषि बीमा योजना के बारे बताया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बीपीएल लाभार्थियों के लिए निशुल्क चूजा योजना के बारे विस्तार से बताया। निशुल्क खुरपका और गलघोटू टीकाकरण अभियान, राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना एवं घोड़ों की बीमारियों के बारे जानकारी दी। खंड शिक्षा अधिकारी ब्रजमोहन सिंह ने बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों के शून्य से एक किमी के स्कूल में निशुल्क प्रवेश के साथ ही स्कूल चलो अभियान के बारे जानकारी दी।
ब्लाक अधिकारी सुजीत कुमार वर्मा ने पीएमआरवाई योजना की जानकारी दी। शेरमऊ शुगर मिल के गन्ना विकास निरीक्षक हरिराम ने बताया कि उत्पादन बढ़ने से गन्ना मिलों ने गत वर्ष के सापेक्ष लक्ष्य पूर्ति कर ली है। मगर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार किसानों के खेत में खडे़ गन्ने की आपूर्ति तक मिल चालू रहेगी। इसके लिए खेतों में खडे़ गन्ने का सर्वे कार्य जारी है। एडीओ सहकारिता राजबीर सिंह, नीरज कुमार एबीआरसी, भूपेंद्र सिंह, यशवीर सिंह, कपिल कुमार आदि रहे।
किसानों के उत्पीड़न का आरोप
गंगोह। लोक कल्याण मेले में किसानों ने गन्ना विभाग और विद्युत निगम पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए रोष व्यक्त किया। अधिकांश किसानों का कहना था कि नौकरशाही सरकार को बदनाम करने के लिए लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरत रही है। सम्मेलन में आए किसानों वीरेन्द्र सिंह बीराखेडी, अमर कुमार डुभर किशनपुर, जसवीर सिंह व अशोक कुमार रादौर, सुधीर कुमार कलसी, हवा सिंह दुधला, नरेंद्र सिंह, मोतीराम, अंजेश आदि ने मोदी एवं योगी सरकारों की योजनाओं को किसान हितैषी बताते हुए कहा कि नौकरशाही की लापरवाही के कारण ही किसान परेशान है। गन्ना मिलों द्वारा 40 प्रतिशत सामान्य गन्ना लेने के आदेश के बावजूद गन्ना नही लिया जा रहा है। इसके अलावा विद्युत निगम के अधिकारी किसानों से अवैध वसूली करने के चक्कर में शट डाउन के बहाने उनके फीडरों पर कट लगा कर अवैध वसूली करते है। उन्होंने गन्ना मिलों से साधारण गन्ने की खरीद किये जाने की मांग की।