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संसार में भटकते रहते हैं लोभी व्यक्ति : प्रियदास

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संसार में भटकते रहते हैं लोभी व्यक्ति : प्रियदास
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देवबंद (सहारनपुर)। श्री गीता भवन में चल रही रामकथा में पांचवें दिन संत प्रियदास जी महाराज ने श्री रामचरित्रमानस के माध्यम से रामजन्म का प्रसंग सुनाया।
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संत ने बताया कि देव आदिदेव महादेव अपने गुरु श्रीराम के चरणों में अटूट भक्ति रखते हैं। लोभ के वश में रहने वाले प्राणी संसार में भटकते रहते हैं। लोभ को मारने वाला प्राणी ही वीर कहलाता है। श्री रामचरित्रमानस में लक्ष्मण को सर्वगुण उदार प्रवृति की उपाधि प्रदान की गई है। मंथरा ने लोभ के कारण श्रीराम को वन भेजने का षड़यंत्र रचा था। लोभ व लालच त्यागने वाले प्राणी ही प्रभु के करीब रहते हैं। संत ने बताया कि जिस प्राणी की रक्षा प्रभु स्वयं करते हैं, उसे कोई मार नहीं सकता। दीन दुखियों का सहयोग करना सबसे पुण्य फल देने वाला कार्य है। श्रीरामकथा धर्मयज्ञ होती है इसमें सभी भक्तों का सहयोग होना जरूरी है। प्राणी को सदैव ही धर्म का कार्य करना पावन होता है। पांचवें दिन कथा के यजमान डा. कांता त्यागी और प्रसाद वितरण आदेश गर्ग ने किया। इस मौके पर अजय बंसल, सुधीर गर्ग, पंकज अग्रवाल, डा. आर्यवृत शर्मा, विवेक शर्मा, डा. बिजेंद्र गोयल, सुशील कर्णवाल, अंकित मित्तल, महेश अग्रवाल, नीरज मित्तल, अर्चना अग्रवाल, निधि अग्रवाल, सरोज शर्मा, मीरा, बिमला आदि मौजूद रहे।
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