सहारनपुर। जिला अस्पताल में फिर गेट पर गर्भवती महिला के प्रसव का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला चिकित्सक और स्टाफ ने गर्भवती महिला को आधी रात में अस्पताल से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। गर्भवती गिड़गिड़ाती रही, लेकिन कर्मचारियों ने कोई रहम नहीं दिखाया। अस्पताल से निकाले जाने पर जैसे ही महिला ई-रिक्शा में बैठकर अस्पताल गेट तक पहुंची, तो उसे प्रसव हो गया। बाद में एक निजी अस्पताल में ले जाकर उसका उपचार कराया गया।
मामला 14 अगस्त की रात साढ़े 12 बजे का है। मंडी कोतवाली के खजूर तला निवासी मोहम्मद रईस की गर्भवती पत्नी मुनव्वर को प्रसव पीड़ा हुई तो आधी रात में ही क्षेत्र की आशा लक्की गेट द्वितीय निवासी गजाला गर्भवती मुनव्वर को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। मुनव्वर के साथ उसके परिजन भी थे। आशा गजाला का आरोप है कि मुनव्वर को अस्पताल में भर्ती कराकर उसने चिकित्सक से उसे देखने का अनुरोध किया, लेकिन महिला चिकित्सक और अस्पताल के स्टाफ ने बिना जांच पड़ताल किए ही अस्पताल से धक्के देकर बाहर कर दिया।
इसके बाद आशा गजाला व परिजन प्रसव पीड़ा से कराहती मुनव्वर को ई-रिक्शा में किसी अन्य चिकित्सक के पास ले जाने को जाने लगे, तभी अस्पताल गेट पर ई-रिक्शा में ही मुनव्वर को प्रसव हो गया। जच्चा और बच्चा की हालत खराब हो गई। तुरंत ही परिजन दोनों को एक निजी अस्पताल में लेकर भागे और भर्ती कराकर उसकी जान बचाई। बुधवार को आशा गजाला एवं मुनव्वर के पति मोहम्मद रईस ने इस मामले में जिला महिला अस्पताल के कर्मचारियों और स्टाफ के खिलाफ थाना जनकपुरी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
मामले की जांच कराएंगे
जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अनीता जोशी का कहना है कि ऐसे किसी मामले की शिकायत उन्हें नहीं मिल सकी है। अगर ऐसा हुआ है तो मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।