सहारनपुर। विभाग द्वारा वेतन रोके जाने से नाराज अनुसूचित जाति के शिक्षकों ने शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर वेतन बहाल कराने की मांग की। मांग नहीं माने जाने पर विभाग के खिलाफ एससी-एसटी की विशेष अदालत में जाने की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह से मिले शिक्षक दीपा, अजय कुमार, नेत्रपाल, योगिता और अंजना आदि ने उन्हें बताया कि कोर्ट ने पदावनति को लेकर आदेश दिया था कि अनुसूचित जाति के जिन शिक्षकों का वेतन सामान्य और ओबीसी के शिक्षकों से अधिक है, उनका वेतन रोक दिया जाए। आरोप है कि विभाग के लिपिक ने ऐसे शिक्षकों का भी वेतन रोक दिया, जिनका वेतन सामान्य और ओबीसी वर्ग से अधिक नहीं था। 406 शिक्षकों का वेतन रोका दिया। शिक्षकों द्वारा विरोध करने के बाद सात दिसंबर 2018 को 31 शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई से बाहर कर दिया था। लेकिन शेष 375 शिक्षकों में से 261 शिक्षक ऐसे हैं, जिनका वेतन गलत तरीके से रोका गया है। यानी उनका वेतन अन्य वर्ग के शिक्षकों से अधिक नहीं था। ऐसे शिक्षकों में कार्रवाई को लेकर नाराजगी बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बाद नियुक्त हुए अन्य वर्ग के अनेक शिक्षकों का वेतन उनसे अधिक है। जिनके नाम भी उन्होंने बीएसए को सौंपे। उन्होंने जल्द से जल्द वेतन बहाल करने की मांग बीएसए से की। अन्यथा की स्थिति में विभाग के खिलाफ एससी-एसटी की विशेष अदालत में वाद दाखिल करने की चेतावनी दी।
कुछ शिक्षक वेतन बहाली की मांग को लेकर मिले थे। वह कोई आदेश भी लेकर आए हैं। मामले को दिखवाया जा रहा है। यदि वेतन फ्रीज करने की कार्रवाई गलत पाई जाती है तो वेतन को बहाल किया जाएगा। -- रमेंद्र कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।