सहारनपुर। जूनोटिक(पशुजन्य रोग) बीमारी यानी बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू और हॉर्स फ्लू आदि की रोकथाम को लेकर प्रशासन अलर्ट है। बुधवार को एडीएम-प्रशासन एसके दूबे ने बैठक कर बीमारियों खासकर बर्ड फ्लू को फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे एडीएम प्रशासन ने कहा कि बर्ड फ्लू (एवियन इंफ्लुएंजा) एक जूनोटिक बीमारी है। इससे पक्षियों से पक्षियों और पक्षियों से मुनष्यों मेें फैलने का खतरा बना रहता है। इस बीमारी से बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपाय करना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू, हॉर्स फ्लू एक जैसे शब्द है और ये इंफ्लुएंजा वायरस के अलग-अलग स्ट्रेन से होने वाली बीमारियां हैं जो अलग-अलग जीवों को सामान्यत: प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सबसे पहले बर्ड फ्लू का असोम में पता चला। इसके बचाव के लिए पानी को कहीं भी इकट्ठा न होने दें। हमने फील्ड ऑफिसर को ट्रेंड किया हुआ है, जो इस तरह की बीमारी का उपचार करेंगे। पानी की निकासी का कार्य नगरपालिका, नगर पंचायत द्वारा किया जाएगा। सहारनपुर में अभी तक बर्ड फ्लू जैसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। बर्ड फ्लू की आशंका/पुष्टि होने पर नजदीकी पशुपालन अधिकारी को सूचित करें। पशुपालन विभाग के अधिकारी जांच के लिए नमूने उच्च सुरक्षा पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला भोपाल या बरेली भेजेंगे। जांच पाजिटिव होने पर प्रयोगशाला भारत सरकार पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय को सूचित करेंगी। भारत सरकार राज्य के मुख्य सचिव को सूचित करेगी। मुख्य सचिव द्वारा बर्ड फ्लू की उद्घोषणा की जाएगी। जिला स्तर पर समस्त कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देशन में पशुपालन विभाग करेगा। बैठक में नगर आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, डीएफओ विजय सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वाईपी सिंह, नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष मलिक आदि मौजूद रहे।