सहारनपुर। जिले में ई-वे बिल प्रक्रिया लागू कर दी गई है, लेकिन पोर्टल पर एक साथ लोड बढ़ जाने से पोर्टल की गति धीमी हो गई। जिससे परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक स्थान से दूसरे स्थान पर माल ले जाने के लिए 16 जनवरी से ई-वे बिल प्रक्रिया को लागू कर दिया गया था, लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते इसे उस समय अनिवार्य नहीं किया गया। बृहस्पतिवार से ई-वे बिल प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से लागू किया गया तो पोर्टल हैंग हो गया। कुछ लोगों ने तो पोर्टल क्रैश होने की शिकायत की और ई-वे बिल न बन पाने के चलते अपना माल नहीं भेज पाए।
इस बारे में वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन अनिल पाठक ने बताया कि वेबसाइट क्रैश नहीं हुई है। प्रक्रिया तो पहले ही लागू कर दी गई थी, लेकिन बृहस्पतिवार से अनिवार्य ई-वे बिल लागू होने के चलते वेबसाइट पर अचानक लोड बढ़ गया। जिससे स्पीड कम हो गई। धीरे-धीरे ई-वे बिल जनरेट हो रहे हैं। शीघ्र ही व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
ई-वे बिल से कहीं भी माल ले जाना हुआ आसान
सहारनपुर। ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्टर्स, कमीशन एजेंट्स एवं ठेकेदारों की हुई बैठक में ई-वे बिल का समर्थन किया और कहा कि ई-वे बिल से एक स्थान से दूसरे स्थान तक माल ले जाना आसान हुआ है।
ट्रांसपोर्टनगर की प्रथम पार्किंग में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगाए सभी करों को एक कर जीएसटी में करके एवं ई-वे फार्म लागू कर समस्याओं का निदान कर दिया है। अब ट्रांसपोर्टर्स एवं व्यापारी सुलभ प्रक्रिया द्वारा माल कहीं भी भेज सकते हैं। प्रमोद चावला ने कहा कि सभी को सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहिए। बैठक में चौधरी ऋषिपाल, गौरव अरोड़ा, जुल्फकार, अशोक शर्मा, केएस दुबे, अमर सिंह, मंजू गुलजार, दीपक चौधरी, बलदेव राज, विशाल भारद्वाज, अश्वनी गुलाठी, विनोद, हन्नी वर्मा, दिलनवाज, अकबर, इरफान मलिक, चौधरी राजपाल वर्मा, चौधरी विक्रम, मुनीर, महेंद्र गुर्जर मौजूद रहे।