उद्यमियों ने उठाई बैंकिंग की समस्याएं
सहारनपुर। आईआईए और इंडियन ओवरसीज बैंक के अधिकारियों की बैठक में सूक्ष्म एवं मध्यम औद्योगिक इकाइयों को संबंधित बैंकों द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में मंथन किया गया। उन्होंने क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी।
आईआईए सभागार में हुई बैठक में महासचिव प्रमोद सड़ाना ने कहा कि बैंक और उद्योग एक दूसरे के अभिन्न अंग हैं। दोंनों ही एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट योजना, तकनीकी उन्नयन के लिए क्रेडिट लिंक कैपिटल सब्सिडी योजना, कलस्टर डवलपमेंट योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना आदि योजनाओं के लिए बैंकों को सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। इससे एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार सीजीटीएमएसएमई स्कीम के तहत दो करोड़ का ऋण एमएसएमई इकाईयों को दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन बैंकों द्वारा सकारात्मक कार्य नहीं किया जाता है। इससे उद्यमी योजना का लाभ नहीं उठा पाते है। साथ ही मशीनरी खरीद पर एमएसएमई विभाग की ओर से एमएसएमई उपभोक्ता को 15 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। लेकिन बैंक की कुछ शाखाओं को इन योजनाओं की जानकारी तक नहीं है। इस दौरान बताया गया कि केंद्र सरकार ने 12 बैंकों में इस योजना को लागू किया हुआ है। उसमें इंडियन ओवरसीज बैंक भी शामिल है।
इंडियन ओवरसीज बैंक के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद रियाजुल हक ने बैंक की कई योजनाओं और उनकी उपयोगिताओं के बारे में बताया। साथ ही भरोसा दिलाया कि उनकी बैंक की ओर से उद्यमियों को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। इस दौरान अनूप खन्ना, ब्रांच मैनेजर लोकेन सिंह एवं रामसेवक, प्रेम क्वात्रा, अरविन्द खन्ना, सुरेन्द्र मोहन कालरा, अनुज गुप्ता, दीपक गुप्ता, रविकांत शर्मा, जगदीश कुमार, गौरव कुमार, संदीप कुमार, आरके सिंह आदि रहे।