समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने कसे अफसरों के पेंच
सहारनपुर। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। वह शुक्रवार को सर्किट हाउस में मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। कार्यों की धीमी गति पर उन्होंने अफसरों को काम में गति लाने के निर्देश दिए। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
कमिश्नर ने जल निगम से कहा कि हैंडपंप के जो भी रिबोर उनके द्वारा कराए जाते हैं उन्हें ग्राम प्रधानों को सौंप दें, जिससे भविष्य में उनका रख रखाव ग्राम प्रधानों के द्वारा ही किया जा सके। पाइप लाइन परियोजना में जो खराब होने की वजह से बंद हैं उनको चालू करने व पाइप लाइन बदलने के लिए ग्राम सभाओं से पैसा लेकर ठीक कराएं। पाइप लाइन बदलवाकर चालू कराएं। कहा कि उन्हें लगातार शिकायत मिल रही है कि कुछ गांवों का पानी खराब है। ऐसे गांवों के पानी की जांच कराकर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए जाएं। संयुक्त निदेशक उद्योग से कहा कि आम के फलों के जूस आदि बनाने की कार्ययोजना बनाकर केंद्र और राज्य सरकार को भेजें। मंडल में फलों का अच्छा उत्पादन होता है। विद्यालयों में कलेंडर के अनुसार 200 दिन में कोर्स पूरा कराकर समय से परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए। स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत छात्र नामांकन हेतु रैली आदि निकालने को कहा। शिक्षकों की स्कूलों में शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में बताया गया कि विद्युत निगम द्वारा दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत मुजफ्फरनगर में 434 गांव और 82 मजरों में विद्युतीकरण किया जाना है, जिसमें से 392 गांवों और 82 मजरों तथा शामली जनपद के 241 गांवों और 97 मजरों के सापेक्ष 74 गांवों और आठ मजरों का ही विद्युतीकरण किया गया है। बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि द्वारा अवगत कराया गया कि ऋण माफी योजना लाभार्थी का आधार कार्ड फीडिंग 326823 के विपरीत 108861 लाभार्थियों की आधार फीडिंग की गई। कमिश्नर ने कहा कि कोई भी चिकित्सक निजी प्रैक्टिस करते पाया गया तो उसके विरुद्घ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, भ्रूण परीक्षण रोक, राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण, अंधता निवारण, परिवार नियोजन, मलेरिया नियंत्रण, नियमित टीकाकरण, स्वच्छ शौचालय निर्माण, राजस्व गांवों के साफ-सफाई, भूजल आदि कार्यों की समीक्षा की गई। कहा कि एंटी भू माफिया टास्क फोर्स के माध्यम से भू माफियाओं से जमीनें कब्जामुक्त कराई जाएं। ग्राम सभा की भूमि खाली कराकर उसे वन विभाग के अधिकारियों को दी जाये और वे उस पर पौधरोपण कराएं। एसडीएम और तहसीलदार पट्टों की भूमि तालाबों को चिह्नित कर उन्हें मत्स्य पालन हेतु आवंटन की कार्रवाई करें। बैठक में डीएम पीके पांडेय, जीएस प्रियदर्शी, इंद्रविक्रम सिंह, सीडीओ संजीव रंजन, अंकित अग्रवाल, रेनू तिवारी, अपर आयुक्त उदयीराम, आभा गुप्ता सहित सभी मंडलीय अधिकारी उपस्थित थे।