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ट्रेन में डकैती डालने वाले बदमाशों को भूल गई पुलिस

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सहारनपुर। मदुरई-देहरादून सुपरफास्ट ट्रेन में हुई डकैती की वारदात को एक माह हो गया। जीआरपी ने पहले तो बदमाशों को पकड़ने को लेकर खूब हाथ पैर मारे और मेहनत दिखाई। लेकिन जैसे ही मामला कुछ ठंडा हुआ पुलिस ने इस वारदात को भुला दिया। पुलिस न तो इस वारदात के खुलासे के प्रति गंभीरता दिखा रही है और न ही अपराधियों को पकड़ने का कोई प्रयास कर रही है।
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मदुरई से देहरादून जा रही सुपरफास्ट ट्रेन को 15 मार्च की रात डकैतों ने सहारनपुर से निकलते ही हिंडन केबिन पर चेन पुलिंग कर रोक लिया था। लगभग 50 मिनट तक ट्रेन को रोक कर बदमाशों ने लगभग 20 यात्रियों के साथ लूटपाट की थी। लाखों की नकदी, आभूषण के साथ-साथ एक व्यक्ति से उसकी मां के चिता की राख रखे बैग को भी डकैत लूट कर ले गए थे।
एक सप्ताह तक तो जीआरपी ने डकैतों की तलाश के लिए हाथ-पैर मारे। बदमाशों की तलाश में दिल्ली से लेकर हरियाणा, उत्तराखंड तक में दबिश दे डाली। 20 से अधिक लोगों से पूछताछ की। सर्विलांस टीम द्वारा ट्रेस किए गए कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन नंबर की पड़ताल की। यहां तक कि जीआरपी के अधिकारियों ने दावा किया कि महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग चुके हैं। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। सहारनपुर शहर के आसपास के गांव के आधा दर्जन लोगों को पकड़ा तो एक बार पड़ोसी जिला शामली के एक गांव के बदमाशों का हाथ होने की आशंका भी जताई और दबिश भी दी। लेकिन जीआरपी के हाथ बदमाश लगना तो दूर यह भी पता नहीं चल सका कि बदमाश किस क्षेत्र के थे, कहां से ट्रेन में बैठे और कहां निकल गए।
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इस वारदात को एक माह पूरा हो गया। फिलहाल जीआरपी इस वारदात के खुलासे के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रही है। इस वारदात का खुलासा न होने के चलते इस रूट पर ट्रेन यात्रियों के लिए खतरा बना हुआ है। जीआरपी फिर से किसी बड़ी वारदात होने का इंतजार कर रही है।
जीआरपी सहारनपुर थाना प्रभारी राशिद अली का कहना है कि अभी डकैती की वारदात से संबंधित कोई सुराग जीआरपी के हाथ नहीं लग सके हैं। जीआरपी प्रयास कर रही है, शीघ्र ही बदमाश जीआरपी की गिरफ्त में होंगे।
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