सहारनपुर। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों की जांच होगी। इसके लिए विवि की कार्य परिषद ने तीन सदस्यों की कमेटी गठित की है, जो सहारनपुर और बागपत के करीब 150 कॉलेजों की जांच करेगी। कमेटी बनाए जाने के बाद से सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में खलबली की स्थिति है।
यूनिवर्सिटी से संबद्ध सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की भरमार है। अनेक कॉलेजों में सुविधाओं में खासकर फैकल्टी न होना सबसे बड़ी समस्या है। काफी सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संबद्धता लेने के दौरान फैकल्टी दर्शा देते हैं, लेकिन बाद में विद्यार्थियों द्वारा फैकल्टी नहीं होने की शिकायतें की जाती हैं। यूनिवर्सिटी में ऐसी शिकायतों की भरमार है।
यूनिवर्सिटी की कार्य परिषद ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे कॉलेजों की जांच कराने का निर्णय लिया है। बागपत और सहारनपुर के कॉलेजों के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसमें जेवी जैन कॉलेज सहारनपुर के कार्यवाहक प्राचार्य डॉक्टर पीके वार्ष्णेय को अध्यक्ष बनाया गया है। उनके अलावा कमेटी में यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर दिनेश कुमार और राजकीय महिला महाविद्यालय मेरठ की डॉक्टर संध्या रानी शामिल हैं। सहारनपुर और बागपत में 150 से अधिक कॉलेजों की जांच होनी है। कमेटी जांच कर कार्य परिषद और कुलपति को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- विद्यार्थियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं।
- फैकल्टी की स्थिति।
- प्रबंधन समितियों की कार्यप्रणाली।
- कॉलेजों के भवनों की स्थिति।
- संचालित होने वाली कक्षाओं की स्थिति।
- प्रयोगशालाओं की स्थिति आदि।
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यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद ने सेल्फ फाइनेंस और एडेड कॉलेजों की जांच कराने का निर्णय लिया है। सहारनपुर और बागपत में करीब 150 कॉलेजों की जांच कमेटी में मुझे भी रखा गया है। शिक्षकों की मौजूदा स्थिति तथा कॉलेजों में संसाधन को लेकर जांच की होगी।
- डॉक्टर पीके वार्ष्णेय, अध्यक्ष, जांच समिति एवं प्राचार्य जेवी जैन कॉलेज सहारनपुर।