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नाटकीय ढंग से की गई रात में रावण की रिहाई

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सहारनपुर। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई बृहस्पतिवार की रात में बड़े ही नाटकीय ढंग से की गई। आधी रात के बाद डीएम का रिहाई के लिए परवाना पहुंचा। आदेश में रात में ही किसी समय रिहाई करने के आदेश दिए गए। भीम आर्मी पदाधिकारियों से शुक्रवार सुबह रिहाई के लिए कहा गया। जब अधिकांश लोग चले गए तो रात में पौने तीन बजे रावण को जेल से रिहा कर सुरक्षा के बीच आवास पर पहुंचा दिया गया।
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बृहस्पतिवार रात लगभग साढ़े आठ बजे ही प्रशासनिक अधिकारियों के पास रावण की रिहाई का शासनादेश पहुंच गया था, लेकिन अधिकारी रिहाई का समय तय करने को लेकर असमंजस की स्थिति में बने रहे। अधिकारियों की बैठक भी होती रही, लेकिन तब तक जेल बंद हो चुकी थी। बाद में डीएम की ओर से कहा गया कि रिहाई शुुक्रवार को सुबह की जाएगी। फिर भी भीम आर्मी के पदाधिकारी एवं अन्य लोग जिला कारागार के बाहर डेरा डाले रहे। जब रात 11 बजे तक भी जेल प्रशासन के पास रिहाई का परवाना नहीं पहुंचा, तो पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं का धीरे-धीरे कम होना शुरू हो गया। आधी रात तक भीड़ छंट गई और कुछ चुनिंदा लोग ही रह गए। आधी रात के बाद अचानक डीएम का आदेश जेल प्रशासन के पास पहुंचा। डीएम द्वारा जारी किए गए रिहाई के आदेश में कहा गया कि शासन से रासुका की कार्रवाई निरस्त कर दी गई है और अविलंब रिहा करने के निर्देश दिए गए हैं। कानून एवं शांति व्यवस्था को देखते हुए रात में किसी भी समय अथवा सुबह बंदी चंद्रशेखर उर्फ रावण को रिहा कर दिया जाए।
-- रावण पर इन धाराओं में चल रहे हैं मुकदमे
सहारनपुर। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण पर नौ मई 2017 को हुई सहारनपुर हिंसा तथा सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने समेत आठ मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से रासुका समेत सात मामले देहात कोतवाली में दर्ज हुए। जिनमें बलवा, जानलेवा हमला, सरकारी काम में बाधा पहुंचाना, सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्ति क्षतिग्रस्त करना एवं 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट तथा रासुका के तहत दर्ज हुआ था। रासुका को शासन ने निरस्त कर दिया है। जिसके बाद रावण पर कोतवाली देहात में छह मुकदमे रह गए हैं। एक मामला सदर कोतवाली में षड्यंत्र के तहत सोशल मीडिया के भड़काऊ पोस्ट डालने पर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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---देहात कोतवाली
1- मुकदमा अपराध संख्या 152/17 धारा 147, 148, 149, 307, 332, 335, 436, 427, 353, 323
2- मुकदमा अपराध संख्या 154/17, धारा 147, 426 आईपीसी
3- मुकदमा अपराध संख्या 156/17, धारा 147, 148, 149, 452, 307, 436, 427 आईपीसी, 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट और 3/4 सार्वजनिक संपत्ति क्षति अधिनियम ।
4- मुकदमा अपराध संख्या 159/17, धारा 147, 148, 427, 435, 436
5- मुकदमा अपराध संख्या 160/17, धारा 147, 148, 427, 435
6- मुकदमा अपराध संख्या 162/17, धारा 147, 148, 149, 307, 332, 353, 436, 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट और 3/4 सार्वजनिक संपत्ति क्षति अधिनियम
7- राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के मुकदमा 392 में धारा 3(2) रासुका अधिनियम 1980 (रासुका की कार्रवाई को निरस्त कर दिया गया है)
6- सदर कोतवाली - मुकदमा अपराध संख्या 243/17, धारा 505(1), 505(एल), 120 बी आईपीसी व 60 आईटी एक्ट
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