विकास के नाम पर सरकारी
धन के दुरुपयोग के आरोप
बेहट। भाकियू की मासिक पंचायत में विकास कार्यों की प्रगति के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को जारी की जाने वाली धनराशि की बंदरबांट का आरोप लगाया गया और मांग की गई कि सरकारी धन के दुरुपयोग की सीबीआई जांच कराई जाए।
मंगलवार को तहसील परिसर में आहूत पंचायत में जिला उपाध्यक्ष डॉ. देशराज राणा ने कहा कि ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जारी की जा रही धनराशि का बड़े पैमाने पर गबन किया जा रहा है। विकास के नाम पर हो धांधली की सीबीआई जांच कराई जाए तो एक बड़ा घोटाला सामने आएगा।
जिला मीडिया प्रभारी महावीर सिंह ने कहा कि अभी तक श्मशान घाट की जमीनों से अवैध कब्जों को नहीं हटवाया गया। उन्होंने मांग की कि सभी श्मशान पक्के बनवाए जाएं। तहसील अध्यक्ष हरेंद्र कुमार सैनी ने कहा कि राज्य सरकार सभी किसानों को कर्ज माफी में शामिल किया जाए और रजबाहों में 12 मासी आखिरी टेल तक पानी छोड़ा जाए। इसके अलावा शाकंभरी शुगर मिल को अधिग्रहण कर उसे चालू कराने की मांग की गई। पंचायत के बाद राज्यपाल के नाम छह सूत्री ज्ञापन एसडीएम को दिया गया। चेतावनी दी गई कि यदि यूनियन की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पंचायत में गुरमेल सिंह, बलवंत सिंह, चैन सिंह, सुखबीर सिंह, लाखन सिंह, मोतीराम चौहान, जयपाल सिंह, मोहम्मद इस्लाम, बाबूराम, रमेशचंद, मोहम्मद सलीम, अनिल चौहान, सुरेश आदि रहे।