बच्चे को दूध पिलाने से नहीं टूटता रोजा
सहारनपुर। रमजान माह में हेल्पलाइन पर रोजेदार अपनी शंकाओं को दूर कर रहे हैं। रविवार को भी रोजेदारों ने सवाल पूछे। इमाम कारी इसहाक गोरा, मुफ्ती अरशद गोरा, मौलाना जुल्फकार कासमी, मौलाना जुबैर मजाहिरी, मौलाना दाऊद ने शरीयत के हिसाब से जवाब दिए।
सवाल- देवबंद निवासी एक महिला ने पूछा कि उसका एक वर्ष का बच्चा है, जो मां का ही दूध पीता है। रोजे के समय दूध पिलाने में परेशानी होती है। बच्चे की तबियत पर खराब होने का डर है। क्या रोजे में बच्चे को अपना दूध पिला सकते हैं।
जवाब- अगर बच्चे या महिला की तरफ से अंदेशा हो कि रोजा रखने की वजह से बच्चे की सेहत पर असर आएगा या महिला की तबियत पर खराब होगी तो ऐसी सूरत में शरीयत में इजाजत है कि रोजा ना रखें। बाद में उसकी कजा करें।
सवाल- खाताखेड़ी निवासी अजरा खान ने पूछा कि रोजे की हालत में बच्चे को दूध पिलाने से रोजा टूट जाता है क्या। अक्सर लोग बोलते हैं रोजे की हालत में बच्चे को दूध नहीं पिलाना चाहिए। इससे रोजा खत्म हो जाता है।
जवाब-- रोजे की हालत में अगर कोई महिला बच्चे को दूध पिलाती है तो रोजा नहीं टूटेगा। बच्चा उसका हो या किसी ओर का रोजा नहीं टूटेगा।
सवाल- हसनपुर निवासी नौशाद ने पूछा कि वह रोजे हैं और सिर पर मेहंदी लगाना चाहते हैं। ऐसी सूरत में रोजे पर कोई असर तो नहीं पड़ेगा।
जवाब-- रोजे की हालत में सिर पर मेहंदी लगाई जा सकती है। इससे रोजे पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।