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Saharanpur News: 128 गांव, 48 काॅलोनियां संवेदनशील, बीमारियों का खतरा अधिक

Tue, 12 Mar 2024 12:12 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। जिले के 128 गांव और 48 काॅलोनियां ऐसी हैं, जहां बीमारियों के फैलने का अधिक खतरा है। स्वास्थ्य विभाग ने इन गांवों व कॉलोनियों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। गर्मी की दस्तक से पहले ही बीमारियों से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
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जिले में हर साल डेंगू का प्रकोप रहता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2019 में डेंगू के 236 और मलेरिया के 198 केस मिले थे। वर्ष 2020 में 77,147 लोगों की स्लाइड बनाई गई थी। डेंगू के 21 और मलेरिया की 13 लोगों में पुष्टि हुई थी। साल 2021 में डेंगू का प्रकोप अधिक रहा। 453 लोगों को डेंगू हुआ, जबकि मलेरिया के केस महज नौ ही मिले। वर्ष 2022 व 2023 में मलेरिया का कोई मामला नहीं मिला। इन दोनों साल में डेंगू के 168 केस मिले थे। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले को मलेरिया मुक्त करना है। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी वाले 128 गांव व 48 काॅलोनियों को चिह्नित किया है। यह गांव डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के लिए संवेदनशील है।
ये हैं संवेदनशील गांव
नानौता ब्लॉक में चिराऊ, कुआंखेड़ा, नूनाबड़ी, रामपुर मनिहारान में मिर्जापुर, नुसरतपुर, सुभरी, हलगोवा, सरसावा में अहमदपुर, बुड्ढाखेड़ा, चौरी मंडी, इब्राहिमी, खेड़ा मेवात, सुनहेटी खड़खड़ी में इगरी, खजूरी, मनानी, नौजली, शेखपुरा कदीम, साढ़ौली कदीम में बाबूपुर, चंदपुर, शेरपुर पेलो, देवबंद में बीबीपुर, झबीरन, दुगचड़ी, नागल में सोहनचिड़ा, मायाहेड़ी, नैनसोब, मुजफ्फराबाद में फतेहपुर, कमालपुर, नौगंवा, रंडौल, तेजपुरा, पुवांरका में आसनवाली, दाबकी गुर्जर, गदनपुरा, हलालपुरा, गंगोह में माधोपुर, नवाजपुर, नकुड़ में अंबेहटा पीर, बांदूखेड़ी, इस्माइलपुर, बेगमपुरा, शाहपुर आदि।
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संवेदनशील काॅलोनी
शहर में 62 फुटा रोड, अहमद बाग, अंकित विहार, आजाद काॅलोनी, गणेश नगर, गोटेशाह, गिल काॅलोनी, इनाम काॅलोनी, इंद्रा चौक, शारदा नगर, खलासी लाइन, नुमाइश कैंप, ऑफिसर काॅलोनी, वेद विहार, नूर बस्ती, जनकपुरी, वर्धमान काॅलोनी, नदीम काॅलोनी, दुर्गापुरी आदि।
जिले के जिन गांवों व काॅलोनियों में बीमारी का प्रकोप अधिक रहता है, उनको चिह्नित किया, ताकि समय पर बीमारियों को रोका जा सके। संक्रामक को रोकने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। गांवों में साफ-सफाई को लेकर पंचायती राज विभाग को पत्र लिख दिया है।
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- शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी
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