सहारनपुर। कलक्ट्रेट तिराहे पर दुकान करने वाले व्यापारी संजय तिवारी ने दधीचि परंपरा का पालन करते हुए देहदान करने का संकल्प लिया। बृहस्पतिवार को मौलाना शेखुल हिन्द राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉक्टर अरविन्द त्रिवेदी और एनाटॉमी डिपार्टमेंट की डॉक्टर प्रीति ने देहदान के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा।
अपने बेटे शुभम तिवारी की किडनी फेल होने के दौरान कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट कराने के दौरान अहमदबाग निवासी व्यापारी संजय तिवारी को देहदान करने की प्रेरणा मिली। तब ही उन्होंने ठान लिया था कि उन्हें मानवता के काम आना है, इसके लिए वे अपनी देहदान करेंगे। जिससे मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र छात्राएं मानव संरचना को न सिर्फ जान सकें बल्कि उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी भी प्राप्त हो सके। संजय तिवारी ने बताया कि उनके बेटे शुभम तिवारी की वर्ष 2015 में किडनी फेल हो गई थी। जिसे सर गंगाराम हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट कराया गया। उसे किडनी उसकी मम्मी सरोज तिवारी ने दी थी। उनका मानना है कि यदि मेडिकल के छात्रों को मानव शरीर नहीं मिलेगा तो वे इसकी अच्छे से जानकारी प्राप्त नहीं कर पाएंगे। जिसका सीधा असर उनकी प्रैक्टिस पर पडे़गा। इसलिए उन्होंने देहदान के लिए नवंबर से ही आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी थी। जो बृहस्पतिवार को पूरी हुई। अब मृत्यु के बाद उनके परिजन उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कालेज को सौंप सकेंगे। जिससे मेडिकल कालेज के छात्रों को मानव शरीर का अध्ययन करने में मदद मिल सकेगी।